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संस्कारों की पाठशाला, परिषद के 63 वर्षों का सफर, 85 हजार परिवारों तक पहुँचा सेवा का संकल्प

 

  

 

 

कार्यशाला में गूँजा नर सेवा ही नारायण सेवा का मंत्र, विक्रांत खंडेलवाल का आह्वान छोटी शाखाएं बनें सेवा का बड़ा केंद्र

 

                 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद की सातों शाखाओं विवेकानंद, आजाद, शिवाजी, महाराणा प्रताप, मीरा, सुभाष, युवा शाखा की ओर से संगठन के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक नई ऊर्जा फूंकने के उद्देश्य से विशेष बैठक का आयोजन किया गया। गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर बैठक के दौरान परिषद के 63 वर्षों के शानदार सफर को रेखांकित किया गया। वर्तमान में परिषद से लगभग 85,000 परिवार जुड़े हुए हैं, जो निरंतर सेवा कार्यों में रत हैं। क्षेत्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने जोर देकर कहा कि भीलवाड़ा में संगठन की जड़ें 1989 से गहरी हैं और आज यह सेवा का एक अनुपम उदाहरण पेश कर रहा है। बैठक में यह रणनीति बनाई गई कि छोटे शहरों और मोहल्लों की शाखाओं को अधिक सक्रिय किया जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि, कोई भी पौधा तभी बड़ा वृक्ष बनता है जब उसकी जड़ों को सींचा जाए। उन्होंने संगठन के विस्तार के लिए श्जुड़ना, जुड़ाव बनाए रखना और संगठन के साथ सामंजस्यश् के तीन चरणों वाले फॉर्मूले पर जोर दिया। बैठक में स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी, प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर काबरा और प्रांतीय शहर समन्वयक रजनीकांत आचार्य सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेवा बस्तियों में स्थायी प्रकल्पों का विस्तार करने, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप और चंद्रशेखर आजाद जैसे महापुरुषों के विचारों का प्रचार-प्रसार करने, 2026 तक संगठन की सदस्यता और सेवा कार्यों में गुणात्मक वृद्धि करने का संकल्प लिया गया। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया।

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