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नशे से दूरी, मानसिक स्वास्थ्य जरूरी के संदेशो से गूंजा चमकता जीवन सेवा संस्थान


विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर चमकता जीवन सेवा संस्थान की पहल, दिया मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश


मेवाड़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नाटक-भाषणों से किया जागरूक, मानसिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। मानसिक परेशानी को छिपाना नहीं, समझना और समय पर मदद लेना जरूरी है। नशे से दूरी और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर चमकता जीवन सेवा संस्थान नशामुक्ति पुनर्वास केंद्र में मेवाड़ विश्वविद्यालय के पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने नाटक और भाषणों के जरिए इसी संदेश को प्रभावी ढंग से सामने रखा। विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और झिझक को दूर कर नशामुक्त जीवनशैली अपनाने तथा मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानियों के दौरान समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय उसे समझना, उचित परामर्श लेना और समय पर सहयोग प्राप्त करना जरूरी है। कार्यक्रम में नशे और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों ने नाटक और भाषणों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, तनाव से निपटने, सकारात्मक सोच अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर किसी भी व्यक्ति के प्रति भेदभाव या उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष चेतन कुमार पारीक, एडवोकेट जतिन दाधीच तथा योग एवं स्पेशल एजुकेटर युवराज पारीक उपस्थित रहे। मेवाड़ विश्वविद्यालय की टीचिंग फैकल्टी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझना और प्रभावित व्यक्ति को समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर सहयोगपूर्ण और सकारात्मक वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।                          
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