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बाबा रामदेव के जयकारों से गूंजा भीलवाड़ा शहर, आस्था के रथ पर सवार हुआ बलाई समाज


मुखर्जी उद्यान से हरणी महादेव तक दिखी श्रद्धा और एकजुटता, 17वीं विशाल शोभायात्रा व वाहन रैली में युवाओं ने दिखाया उत्साह; ध्वजा चढ़ाकर हुआ समापन

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। शहर की सड़कों पर सोमवार को भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अनूठा नजारा देखने को मिला। हाथों में ध्वज, जुबां पर बाबा रामदेव के जयकारे और वाहनों के काफिले के साथ बलाई समाज के लोग शोभायात्रा में उमड़ पड़े। बलाई समाज नवयुवक सेवा समिति की ओर से मुखर्जी उद्यान से निकाली गई भगवान श्री बाबा रामदेव जी महाराज की 17वीं विशाल शोभायात्रा एवं वाहन रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हरणी महादेव तक आस्था का संदेश पहुंचाया। शोभायात्रा में समाजबंधुओं के साथ महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बाबा रामदेव जी के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय हो उठा। समिति प्रवक्ता प्रकाश मेघवंशी ने बताया कि शोभायात्रा एवं वाहन रैली का शुभारंभ माण्डल विधायक उदयलाल भड़ाना, भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, पूर्व राजस्व मंत्री एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामलाल जाट, पूर्व जिला प्रमुख एवं समिति संरक्षक सुशीला सालवी तथा समिति अध्यक्ष भंवरलाल बलाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं हरी झंडी दिखाकर किया। मुखर्जी उद्यान से रवाना हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई हरणी महादेव स्थित श्री बाबा रामदेव जी मंदिर पहुंची। यात्रा में श्रद्धालु बाबा रामदेव जी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने मार्ग में जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार एवं जलपान की व्यवस्थाएं भी की गईं। हरणी महादेव स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान से ध्वजा चढ़ाई गई। इसके साथ ही शोभायात्रा का समापन हुआ। बाद में बाबा के भक्तों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। आयोजन में समाज की विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, सामाजिक प्रबुद्धजन, मातृशक्ति, युवा एवं बाल-गोपाल बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिखाई दिया। प्रवक्ता प्रकाश मेघवंशी ने बताया कि बलाई समाज नवयुवक सेवा समिति की ओर से प्रतिवर्ष बाबा रामदेव जी महाराज की शोभायात्रा आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य समाज में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
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