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उम्र छोटी, सुर बड़े... तक्षवी सोडाणी की आवाज में गूंजा रामापीर, सुरों से बांधा भक्तिरस

 

बाबा रामदेव पर्व पर 7 साल की नन्ही गायिका की भक्तिमय प्रस्तुति, राजस्थानी लोक-संस्कृति से जुड़ाव ने देशभर में बटोरी प्रशंसा

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। उम्र महज सात साल, लेकिन सुरों पर ऐसी पकड़ कि सुनने वाले ठहरकर रह जाएं। बाबा रामदेव के पावन पर्व पर काशीपुरी निवासी समाजसेवी गोविंद प्रसाद सोडाणी की सुपौत्री एवं जयप्रकाश-गरिमा सोडाणी की पुत्री तक्षवी सोडाणी ने अपनी सुरीली आवाज और भक्तिभाव से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। नन्ही तक्षवी की भक्तिमय प्रस्तुतियों की गूंज देशभर में सुनाई दे रही है और उनकी सांस्कृतिक निष्ठा की खूब सराहना हो रही है। तक्षवी ने पारंपरिक राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति से कार्यक्रम में भक्ति का रंग घोल दिया। प्रसिद्ध भजन मारो हेलो सुनो जी रामापीरको अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर उन्होंने माहौल को रामापीर की भक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद राजस्थानी लोक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े गीत लूणी थारा कागायाकी प्रस्तुति ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कम उम्र में ही राजस्थानी लोक-संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक परंपराओं से तक्षवी का यह जुड़ाव परिवार के साथ क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय बना हुआ है। उनकी प्रस्तुतियां यह संदेश भी देती हैं कि संस्कार और संस्कृति की जड़ें बचपन से ही मजबूत हों तो प्रतिभा को पहचान मिलने में देर नहीं लगती। इस वीडियो एल्बम की शूटिंग भीलवाड़ा स्थित पुर की डूंगरी के बाबा रामदेव जी मंदिर में की गई है। इसकी वीडियोग्राफी तुषार बूलिया ने की है, संगीत निक सिंह ने दिया है तथा निर्देशन राम माली ने किया है। इस वीडियो में अजय सोनी एवं उनकी टीम ने अभिनय किया है। तक्षवी अब तक 15 से अधिक भक्ति एवं संस्कृति से जुड़े वीडियो प्रस्तुत कर चुकी हैं। इनमें संघ प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले’, वेदसार शिवस्तव, रुद्राष्टकम, शिव तांडव और महिषासुर मर्दिनी सहित अनेक प्रस्तुतियां शामिल हैं। हाल ही में उनकी संघ प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सलेको इंस्टाग्राम पर 60 लाख से अधिक व्यूज प्राप्त हुए। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनकी प्रस्तुतियों को व्यापक दर्शक वर्ग द्वारा देखा जा रहा है।    

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