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आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर वकीलों का आक्रोश, टायर जलाकर किया प्रदर्शन

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, वकीलों ने ठप किया न्यायिक कामकाज

 

 

अधिवक्ता गोविंद मानमिया पर हमले का मामला, जिलेभर की अदालतों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार, राजस्थान व्यापी आंदोलन की चेतावनी

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। अधिवक्ता पर हमला और आरोपी की गिरफ्तारी में देरी ने वकीलों के आक्रोश को सड़क पर ला दिया। जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर के बाहर न्यायमूर्ति चौराहे पर टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलेभर की अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर अधिवक्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि आरोपी दुर्गालाल उर्फ अक्षय गुर्जर उर्फ विक्रम की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन राजस्थानव्यापी किया जाएगा। गिरफ्तारी होने तक विरोध जारी रखने के ऐलान से पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। महासचिव पंकज दाधीच ने बताया कि अधिवक्ता गोविंद मानमिया पर हमले के मामले में आरोपी दुर्गालाल उर्फ अक्षय गुर्जर उर्फ विक्रम की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। इससे अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है। अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के नेतृत्व में वकीलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। मामले में जिला अभिभाषक संस्था के निर्णय का समर्थन करते हुए जिले की सभी अधीनस्थ न्यायालयों की बार एसोसिएशन के अध्यक्षों एवं कार्यकारिणियों ने सोमवार को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया। अध्यक्ष राठौड़ ने बताया कि जिलेभर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और न्यायालयों में पैरवी नहीं की। अधीनस्थ अदालतों में भी अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ विरोध जताया। अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी होने तक अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने राजस्थानभर में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का आह्वान करने और उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी। अब मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। प्रदर्शन में जिला अभिभाषक संस्था के उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, कोषाध्यक्ष रवि गोरानी, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लाल बुनकर, सह सचिव आदित्यसिंह चौहान, पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली, मनोनीत सदस्य पंकज पंचोली, राघवेंद्रनाथ व्यास, ओमप्रकाश, वंदना आमेटा, पीरू सिंह गौड़, आनंद शर्मा, हेमेंद्र शर्मा, राजेंद्र कचोलिया, विक्रम सिंह राठौड़, राजेश शर्मा, भोपाल लाल गुर्जर, ऋषि तिवारी, मोहम्मद फरजन, रघुनंदन सिंह कानावत, रतन लाल जाट, भूपेंद्र सिंह चारण, राजेश सामरिया, गजेंद्र सिंह कानावत, भारत सिंह कानावत, विशाल गौतम, हर्षवर्धन सिंह, प्रताप सिंह राजावत, कोमल सोनी, वंदना चौखड़ा, सीमा शर्मा, दीपिका सेन, रेखा ओझा, कौशल्या ग्वाला, पूजा, रेशमा खान, प्रीति और भगवती शर्मा सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।  




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