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सेवानिवृत्ति को बनाया सेवा और समर्पण का उत्सव, 72वीं बार रक्तदान कर पेश की मिसाल

 

अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामचंद्र मूंदड़ा ने गोसेवा, पौधारोपण और रक्तदान के जरिए दिया समाजसेवा का संदेश

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। सेवानिवृत्ति को जहां आमतौर पर जीवन की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जाता है, वहीं अजमेर विद्युत वितरण निगम में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए समाजसेवी रामचंद्र मूंदड़ा ने इस अवसर को मानवता और सामाजिक सरोकारों के नाम समर्पित कर अनुकरणीय पहल की। अपने जन्मदिन और सेवानिवृत्ति दिवस को यादगार बनाते हुए उन्होंने परिवारजनों एवं शुभचिंतकों के साथ गोसेवा, पौधारोपण और रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर मूंदड़ा परिवार सबसे पहले सीताराम गौशाला पहुंचा, जहां गायों की सेवा कर उन्हें आहार खिलाया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया। इसके बाद मानव सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रामचंद्र मूंदड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक पहुंचे और अपना 72वां रक्तदान किया। सेवानिवृत्ति के विशेष दिन पर उनका यह रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता का परिचायक बना। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में कैलाश नुवाल, प्रतीक नुवाल, अभिषेक मूंदड़ा, लक्ष्मीनारायण मूंदड़ा, जगदीश मूंदड़ा, सुभाष मूंदड़ा, ललित हेड़ा, अमन तोतला एवं बालकिशन सोमानी सहित अन्य लोगों ने भी रक्तदान कर मानव सेवा के इस अभियान में भागीदारी निभाई। उपस्थित शुभचिंतकों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव गोपाल विजयवर्गीय ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा रामचंद्र मूंदड़ा की इस प्रेरणादायी पहल की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया। वहीं महात्मा गांधी चिकित्सालय ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. दीपक गोयल के नेतृत्व में ब्लड बैंक के कार्मिकों ने भी मूंदड़ा परिवार का आभार जताया। रामचंद्र मूंदड़ा ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव को व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखकर समाज, पर्यावरण और मानवता की सेवा से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि सेवा के कार्यों के लिए न उम्र की सीमा होती है और न ही किसी विशेष अवसर की जरूरत। उनका 72वां रक्तदान युवाओं और समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बना।  
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