शरद पूर्णिमा की रात कृष्णमय हुआ निंबार्क आश्रम, राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
ठाकुर जी की आरती के बाद खीर प्रसाद और अस्थमा रोग निदान की आयुर्वेदिक औषधि का वितरण
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भजनों की मधुर स्वर लहरियां, पायल की झंकार और राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन श्रद्धालु। शरद पूर्णिमा की रात निंबार्क आश्रम में ऐसा भक्तिमय माहौल सजा कि वृंदावन की रासलीला जीवंत हो उठी। ‘ऐसो रास रच्यो वृंदावन में, है रही पायल की झंकार’ और ‘तेरे संग में रहेंगे प्यारे राधा रमण लाल’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। मौका था श्री निंबार्क आश्रम सेवा समिति की ओर से गांधीनगर स्थित निंबार्क आश्रम में महंत मोहन शरण शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित शरद रास महोत्सव का। महोत्सव का शुभारंभ महंत मोहन शरण महाराज ने प्रभु श्रीनाथजी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। भजन गायक पं. देवराज व्यास ने गणेश वंदना के साथ भजन संध्या का आगाज किया। इसके बाद शास्त्रीय गायिका युक्ति ओझा ‘दिल से ब्रजवासी’ ने ब्रज के भजनों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने ‘नागर नंदजी ना लाल, रास रमंता म्हारी नथनी खोवाई’ भजन सुनाकर भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। युक्ति ओझा ने ‘चलो रे मन श्री वृंदावन धाम, रटेंगे राधे-राधे नाम’, ‘राधिका गौरी से, बिरज की छोरी से, मैया करा दो मेरो ब्याह’ और ‘सांवरियो है सेठ, म्हारी राधाजी सेठानी है’ जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर ठाकुरजी को रिझाया। वहीं पं. देवराज व्यास ने ‘किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए’, ‘जगन्नाथ-जगन्नाथ चका नयन’ और ‘मेरी गाड़ी, मेरा बंगला, मेरा पैसा सब तेरा, मेरो तो कुछ भी नहीं’ जैसे भजनों से श्रोताओं को आनंदित किया। ‘रास रच्यो है, महारास रच्यो है’ की प्रस्तुति पर पूरा परिसर कृष्ण भक्ति में डूब गया। भक्ति और संगीत के इस संगम में मुख्य अतिथि महापौर जसवंत कंवर राणावत और उप महापौर राधेश्याम सोमानी भी खुद को थिरकने से नहीं रोक सके। दोनों ठाकुरजी की भक्ति में लीन होकर भजनों पर नृत्य करते नजर आए। इस दौरान महंत श्री मोहन शरण जी ने महापौर जसवंत कंवर राणावत, उप महापौर राधेश्याम सोमानी, भाजपा जिला प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह, भजन गायिका युक्ति ओझा, गायक पं. देवराज व्यास और भामाशाहों का सम्मान किया। शरद पूर्णिमा के विशेष अवसर पर रात 12.15 बजे महंत मोहन शरण ने ठाकुरजी की आरती की। इसके बाद भगवान को 1100 किलो खीर का भोग अर्पित किया गया। खीर प्रसाद के साथ अस्थमा रोग के निदान के लिए तैयार आयुर्वेदिक औषधि का भी वितरण किया गया। प्रसाद और औषधि प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का संगम बना रहा।




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