Image 1
Image 2
Image 3
Image 4

इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब ने जंगल में लगाए पौधे, दिया ‘जंगल बचाओ, जीवन बचाओ’ का संदेश

 

अक्षत राष्ट्रीय प्रशिक्षक शांतनू के नेतृत्व में क्लब की पहल, मारवाड़ी घोड़ों के संरक्षण के साथ पर्यावरण रक्षा पर जोर

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) घुड़सवारी के रोमांच के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब, भीलवाड़ा की ओर से रविवार को आयोजित जंगल सफारी राइड के दौरान जंगल क्षेत्र में पौधारोपण कार्यक्रम किया गया। क्लब के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लेते हुए आमजन को भी जंगलों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। क्लब की इस पहल का उद्देश्य प्रकृति, घुड़सवारी और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान क्लब सदस्यों ने जंगल बचाओ, जीवन बचाओअभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया। सदस्यों ने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं हैं, बल्कि वन्यजीवों, पक्षियों और मानव जीवन के लिए प्राकृतिक आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन के दौर में जंगलों का संरक्षण और अधिक पौधारोपण समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने जंगल क्षेत्र में पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जंगल सफारी राइड के दौरान घोड़ों के साथ प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण करते हुए क्लब सदस्यों ने प्रकृति के संरक्षण को अपनी गतिविधियों का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। क्लब की ओर से भविष्य में भी पर्यावरण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। हाल ही में स्थापित इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब, भीलवाड़ा शहर में घुड़सवारी एवं घोड़ों के प्रशिक्षण को व्यवस्थित और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में कार्य कर रहा है। क्लब का नेतृत्व अक्षत एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक शांतनू कर रहे हैं। क्लब द्वारा घुड़सवारी में रुचि रखने वाले लोगों को बेहतर प्रशिक्षण एवं घोड़ों के साथ सुरक्षित और अनुशासित तरीके से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। क्लब का उद्देश्य केवल घुड़सवारी को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि देश की समृद्ध घुड़सवारी परंपरा और विशेष रूप से मारवाड़ी घोड़ों के संरक्षण एवं संवर्धन में भी योगदान देना है। क्लब से जुड़े सदस्यों का मानना है कि मारवाड़ी घोड़े राजस्थान की गौरवशाली पहचान हैं और इनके संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को घुड़सवारी तथा अश्व संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। जंगल सफारी राइड के माध्यम से क्लब ने घुड़सवारी को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में भी एक अनूठी पहल की। घोड़ों के साथ प्राकृतिक परिवेश में भ्रमण के दौरान क्लब सदस्यों ने जंगल और पर्यावरण के महत्व को करीब से महसूस किया। इसी सोच के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर यह संदेश दिया गया कि प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकारी संस्थाओं की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। क्लब सदस्यों ने कहा कि पौधा लगाना केवल शुरुआत है, उसकी नियमित देखभाल और उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इक्वाइन एक्सीलेंस क्लब की इस पहल को घुड़सवारी गतिविधियों के साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों को जोड़ने वाला कदम माना जा रहा है। क्लब की ओर से आने वाले समय में घुड़सवारी प्रशिक्षण, अश्व संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना है।                         
Uploaded Image