Image 1
Image 2
Image 3
Image 4

नगर माहेश्वरी महिला संस्थान का ‘गौरी-शंकर कार्निवल’ रहा शिव-भक्ति, संस्कृति और उल्लास से सराबोर

 

 

शिव-गौरी थीम पर रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां, झूमीं माहेश्वरी महिलाएं, सावन-तीज उत्सव ने बिखेरे संस्कृति के रंग

 

भक्ति, संस्कृति और मनोरंजन के संगम से सनातन परंपराओं का दिया संदेश, विभिन्न महिला संगठनों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) सावन की हरियाली, तीज की उमंग और शिव-गौरी भक्ति के अनुपम संगम के बीच नगर माहेश्वरी महिला संस्थान द्वारा रामेश्वरम्में आयोजित गौरी-शंकर कार्निवलउत्साह, आस्था और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। पारंपरिक परिधानों, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, ज्ञानवर्धक खेलों और मनोरंजक गतिविधियों से सजे इस आयोजन में करीब 200 महिलाओं ने भाग लेकर भारतीय संस्कृति और सनातन परम्पराओं के संरक्षण का संदेश दिया। सावन के रंगों से सराबोर, भक्ति सांस्कृतिक उल्लास के इस कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों ममता मोदानी, सीमा कोगटा, भारती बाहेती, शिखा भदादा एवं निशा काकानी ने दीप प्रज्वलित कर किया। संस्थान अध्यक्ष वीणा मोदी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि श्रावण मास भारतीय सनातन संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जुड़ने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने युवाओं से सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। संस्थान सचिव विनीता तोषनीवाल ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन हर खेल में ज्ञान, हर प्रस्तुति में संदेश और हर पल आनंद थीम पर आधारित था। इसका उद्देश्य सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करना, समाज में प्रेम, एकता और सहभागिता की भावना को बढ़ावा देना तथा नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना था। कार्यक्रम में विभिन्न महिला संगठनों ने सावन, लहरिया, तीज कथा एवं शिव-गौरी प्रसंगों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। भोपालगंज, आजाद नगर, बापू नगर एवं आरके आरसी माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आकर्षक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, वहीं पथिक नगर एवं नगर माहेश्वरी महिला संस्थान ने भावपूर्ण नृत्य-नाटिकाओं का मंचन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी समूहों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ ज्ञानवर्धक खेल, सरप्राइज़ एक्टिविटीज़ और मनोरंजक प्रतियोगितियां भी आयोजित की गईं, जिनमें महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। पूरे आयोजन में सावन और तीज की पारंपरिक संस्कृति का जीवंत वातावरण देखने को मिला। आयोजन की सफलता में प्रकल्प प्रमुख अन्नू मोदी, समिति सदस्य रेखा सोडाणी तथा कार्यक्रम प्रभारी रीना डाड, लीना कोठारी एवं रेखा लड्डा सहित निशा सोनी, चेतना बसेर, कल्पना सोनी, नीलम दरगड़, शीतल अजमेरा, साधना बाहेती, शशि अजमेरा, अंजू सोमानी, स्नेहलता तोषनीवाल, निर्मला बाहेती, अंकिता कोगटा, राज राठी, कृष्णा लड्डा एवं अनिता सोमानी सहित पूरी टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का सहज, ऊर्जावान एवं प्रभावी संचालन रीना डाड ने किया। अंत में संस्थान सचिव विनीता तोषनीवाल ने सभी विशिष्ट अतिथियों, सहयोगी कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सुमन सोनी, सोनल माहेश्वरी, लीला राठी, गायत्री मूंदड़ा, संध्या आगीवाल, मानकंवर काबरा, राखी राठी सहित लगभग 200 सदस्याओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन आत्मीय स्नेहभोज तथा एक-दूसरे को सावन एवं तीज की शुभकामनाएं देकर हुआ।


Uploaded Image Uploaded Image