जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और नई निष्पक्ष लॉटरी कराने की मांग, सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। नगर विकास न्यास (यूआईटी) भीलवाड़ा द्वारा 16 अक्टूबर 2025 को आयोजित 3081 भूखंडों की विवादित लॉटरी में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी हेमेन्द्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता राघव कोठारी, बृजेश पारीक सहित 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डॉ.हरीतिमा को मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने यूआईटी लॉटरी प्रकरण की जांच समिति की संपूर्ण रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने, करीब 90 हजार आवेदकों की संपूर्ण आवेदन सूची, पात्र एवं निरस्त आवेदनों का रिकॉर्ड तथा लॉटरी प्रक्रिया से जुड़े सभी सार्वजनिक अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही विवादित लॉटरी के दौरान प्रभारी रहे एईएन रविश श्रीवास्तव को जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक नगर विकास न्यास से पदमुक्त करने का भी आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह मामला वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगे गए दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के बावजूद उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि यदि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। यदि लॉटरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सिद्ध होती हैं तो विवादित लॉटरी को निरस्त कर पात्र आवेदकों को समान अवसर प्रदान करते हुए पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष नई लॉटरी प्रक्रिया आयोजित कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यह मामला केवल 3081 भूखंडों का नहीं, बल्कि लगभग 90 हजार परिवारों के विश्वास, पारदर्शिता, सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो प्रभावित आवेदकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से चरणबद्ध लोकतांत्रिक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट नृपेन्द्र सिंह राणावत, नवीन शर्मा, पवन त्रिपाठी, रितेश गुर्जर, हिमांशु शुक्ला, अभिषेक केडिया, दीपक कुमावत, अशोक शर्मा (जहाजपुर) एवं ललित देवनानी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




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