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डीपी ज्वैलर्स शोरूम की ऊपरी मंजिल में लगी लापरवाही की आग, नहीं थे फायर सेफ्टी के इंतजाम

 

नगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस देने के बाद भी डीपी शोरूम संचालक नहीं जागा, मची अफरा-तफरी

 

आग की लपटें पास के फर्नीचर की दुकान तक पहुंची, 25 लाख का सामान हो गया खाक, पड़ौसी ने लगाया संचालक पर लापरवाही का आरोप

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित डीपी ज्वैलर्स शोरूम की ऊपरी मंजिल में आग लगने से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर दमकल विभाग की कईं गाडियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बुझाने के संसाधन नहीं होने के कारण देखते ही देखते आग इतनी तेज फैली की पास में स्थित दूकान तक फैल गई। ऐसे में ज्वैलर्स शोरूम के साथ-साथ पड़ौसी दूकानदार को भी लाखों का नुकसान हुआ। हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम ने शौरूम संचालक को फायर सेफ्टी लगवाने के लिए कई बार नोटिस दिए थे मगर संचालक ने आज तक उसके इंतजाम नहीं किए है। प्रथमदृष्टया यह आग शॉर्ट सर्किट से लगना बताया जा रहा है। वहीं सिटी कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फायर सेफ्टी ऑफिसर रामजी ने कहा कि सुबह सवा 11 बजे बिल्डिंग में आग लगने की सूचना मिली थी। जिस पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड की दमकल मौके पर पहुंची। वहां पहुंचकर आग लगने के स्थान का पता लगाया गया, तो आग बिल्डिंग की छत पर लगी हुई थी। दमकल की चार फेरियों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस शोरूम संचालक को पहले भी कम से कम तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। आज से करीब 10 दिन पहले भी नोटिस जारी कर सूचित किया गया था कि यहां फायर सेफ्टी के आवश्यक उपकरण मौजूद नहीं हैं। उन्हें उपकरण लगाने और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी ने कहा कि हमें आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद हम मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। अभी नुकसान कितना हुआ है, इसकी सटीक जानकारी शोरूम संचालक ही दे पाएंगे। शोरूम संचालकों के अनुसार, ऊपर लगा उनका बोर्ड किसी कारणवश आग की चपेट में गया, जिसके बाद आग थोड़ी फैल गई। यहां सोचने वाली बात है कि नगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस देने के बाद भी शौरूम संचालक नहीं जागा और फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं किए। अगर इन्होंने थोड़ी भी जागरूकता दिखाई होती और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती होती, तो शायद आज यह हादसा नहीं होता।

पड़ौसी बोले खाक हो गया 25 लाख का सामान

 आग की सबसे ज्यादा मार प्रीमियर इंटीरियर शॉप पर पड़ी। संचालक तुलसीराम शर्मा ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि जैसे ही डीपी ज्वैलर्स में आग लगी, मैंने तुरंत उनके संचालक को इसकी जानकारी दी और सतर्क किया। लेकिन उन्होंने मेरी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और अपनी लापरवाही जारी रखी। अगर वे समय रहते अपने स्तर पर संसाधन जुटाते, तो आग नहीं फैलती। उनकी इसी बेपरवाही के कारण आग मेरी दुकान तक पहुंच गई। मेरी दुकान में रखा करीब 20 से 25 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। मैंने खुद सुरक्षा उपकरण लगा रखे थे लेकिन दूसरे की गलती की सजा आज मुझे  भुगतनी पड़ रही है।

रसूखदारों पर कब कसेगा शिकंजा

 नगर निगम कार्यालय के गेट के ठीक सामने घटित यह घटना प्रशासन के गाल पर तमाचा है। जब एक ज्वैलर्स संचालक नोटिस मिलने के बावजूद तो सुरक्षा संसाधन लगाता है और ही आरए दिन शोरूम के बाहर आभूषण मेले के नाम पर अवैध अतिक्रमण करने से बाज आता है, तो यह स्पष्ट है कि उसे कानून का कोई खौफ नहीं है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल नोटिस-नोटिस खेलकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगा, या इस बार संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर एक मिसाल पेश करेगा?                               

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