नवदुर्गा की झांकी से दहेज प्रथा, बाल विवाह और ‘बेटी बचाओ’ का दिया संदेश, विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित
सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व व सर्वांगीण विकास का आधार: राजेंद्र कचौलिया
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, पारंपरिक वेशभूषा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी झांकियों ने श्री महेश पब्लिक स्कूल के प्राइमरी विंग में आयोजित ‘नवरात्रि गिगल’ कार्यक्रम को यादगार बना दिया। निदेशक केदारमल जागेटिया व ओम प्रकाश मालू तथा निदेशक चंद्र प्रकाश काल्या ने बताया की नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में पीजी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। गुजराती लोकनृत्य, मां दुर्गा की आरती और रंगारंग प्रतियोगिताओं के बीच बच्चों ने भारतीय संस्कृति के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां दुर्गा की आरती के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने गुजराती लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। मां नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों पर आधारित विशेष झांकी के माध्यम से दहेज प्रथा, बाल विवाह, लोभ और अहंकार जैसी सामाजिक बुराइयों को उजागर किया गया। वहीं, ‘बेटी बचाओ’ का संदेश देकर बालिकाओं के सम्मान और संरक्षण का आह्वान किया। समारोह में माताओं और बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक वेशभूषा, मां-बच्चे की सर्वश्रेष्ठ नृत्य जोड़ी और आकर्षक रैंप वॉक सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायक श्रीमती संगीता मूंदड़ा, श्रीमती कानुप्रिया और श्रीमती प्रिया योगी ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया। विजेताओं को विद्यालय की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्री महेश सेवा समिति के सचिव राजेंद्र कचौलिया, उपाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा एवं कृष्ण गोपाल जाखेटिया, कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती, दिलीप तोषनीवाल, सुरेश चंद्र काबरा के साथ ही श्रीमती लीला नराणीवाल, श्रीमती अल्पना कचौलिया, श्रीमती सरला बाहेती, श्रीमती सुनीता शारदा, श्रीमती संतोष तोषनीवाल, श्रीमती आशा काबरा, श्रीमती मंजू काल्या तथा अभिभावक और विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल व सह-सचिव प्रहलादराय हिंगड़ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना विद्यालय की प्राथमिकता है। सचिव राजेंद्र कचौलिया ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण ही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा की विद्यालय में शिक्षा के साथ बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण और सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती निधि झा भार्गव ने बताया की अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों और विद्यालय की इस पहल की सराहना की। नन्हे बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से जहां नवरात्रि उत्सव में चार चांद लगाए, वहीं नवदुर्गा की झांकी के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर चोट कर जागरूकता का संदेश भी दिया। प्रधानाचार्या भार्गव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।




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