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भीलवाड़ा में 30 से जुटेंगे देशभर के वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी



6 दिवसीय बैठक में नेपाल समेत 40 प्रांतों के 350 से अधिक दायित्वधारी होंगे शामिल, जनजाति समाज से जुड़े मुद्दों पर होगा मंथन, स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
वस्त्रनगरी भीलवाड़ा छह दिन तक जनजाति समाज से जुड़े देशव्यापी मंथन का केंद्र बनेगा। 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक होने वाली अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की बैठक में नेपाल समेत देश के 40 प्रांतों से 350 से अधिक पदाधिकारी और दायित्वधारी जुटेंगे। जनजाति समाज से जुड़े मुद्दों, चुनौतियों और आगामी योजनाओं पर यहां व्यापक चिंतन-मंथन होगा। खास बात यह रहेगी कि छह दिवसीय आयोजन में विदेशी वस्तुओं से दूरी और प्लास्टिक डिस्पोजल पर पूरी रोक के जरिए स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। बैठक की तैयारियों के तहत सोमवार को पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन प्रांत संगठन मंत्री जगदीश कुलमी, रामप्रकाश अग्रवाल और ज्ञानचंद जैन के सानिध्य में हुआ। वनवासी कल्याण आश्रम के जिला उपाध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि छह दिवसीय बैठक में जनजाति समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चिंतन, विचार-विमर्श और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक में स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन में विदेशी वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जाएगा और प्लास्टिक डिस्पोजल को पूरी तरह दूर रखा जाएगा। आयोजकों का कहना है कि बैठक के माध्यम से स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास रहेगा। आयोजन को लेकर वनवासी कल्याण परिषद के जिलाध्यक्ष दिवाकर जावा, नगर अध्यक्ष पदम जैन, कैलाश नंदावत, गणेश काबरा, महेश खंडेलवाल, कमल गोखरू, गुणमाला अग्रवाल, तरुणा शर्मा, ओम गंडोदिया, सत्यनारायण सोमानी, भागचंद बाहेती सहित कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं।                       
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