अधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन, बिना स्पष्ट कारण हजारों रुपये की अतिरिक्त वसूली रोकने की मांग
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। उपभोक्ता कल्याण समिति, राजस्थान के प्रदेश पदाधिकारियों ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में सिक्योरिटी राशि के अंतर की वसूली का कड़ा विरोध जताया। समिति ने इसे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बताते हुए तत्काल इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 2 हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की सिक्योरिटी अंतर राशि जोड़कर वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं, निर्धारित समय में यह राशि जमा नहीं कराने पर नोटिस जारी कर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी जा रही है, जिसे समिति ने पूरी तरह अनुचित और उपभोक्ता हितों के विरुद्ध बताया। समिति का कहना है कि जब उपभोक्ताओं के स्वीकृत विद्युत लोड, बिजली की खपत अथवा प्रति यूनिट दरों में कोई बढ़ोतरी या बदलाव नहीं हुआ है, तो विभाग में पहले से जमा सिक्योरिटी राशि का अंतर अब किस आधार पर वसूला जा रहा है। पदाधिकारियों ने विभाग से इस संबंध में स्पष्ट नीति सार्वजनिक करने तथा उपभोक्ताओं पर डाली जा रही अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारी को समाप्त करने की मांग की। प्रदेश संगठन मंत्री पंकज हेमराजानी ने बताया कि ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट अशोक जैन, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र कुमार मारू, युवा प्रदेशाध्यक्ष अनिल पारीक, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यप्रकाश सरगरा, एडवोकेट रतनलाल चन्देल तथा एडवोकेट ओमप्रकाश तेली सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।




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