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परिवहन व्यवसाय की समस्याओं को लेकर मुखर हुआ भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, सरकार को भेजा ज्ञापन


वीएलटीडी-जीपीएस की अनिवार्यता, भारी जुर्माने और बढ़ते करों पर जताई नाराजगी, सात दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद होने से 3 करोड़ का व्यापार प्रभावित, ट्रांसपोर्टरों ने निकाली रैली, बोले-समाधान नहीं होने पर चक्का जाम करेंगे

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। परिवहन व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन भेजकर परिवहन व्यवसाय को प्रभावित कर रही समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सरकार को आर-पार की लड़ाई की चेतावनी देते हुए मांगे पूरी करने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सभी ट्रांसपोर्ट बंद जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार बढ़ रहे टैक्स, नए नियमों, ई-चालान और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के विरोध में शनिवार को ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद रहा। बंद को लेकर भीलवाड़ा में करीब 400 छोटे और बड़े दुकाने और ऑफिस बंद रहे। वहीं बंद के दौरान 3 करोड़ से ज्यादा का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर लोडिंग-अनलोडिंग, माल की डिलीवरी और परिवहन से जुड़े सभी व्यावसायिक कार्य बंद रहे। ट्रांसपोर्ट मार्केट से ट्रांसपोर्टर ने शहर के मुख्य बाजारों में होते हुए रैली निकली। अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर चक्का जाम और आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट समिति और भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर समिति के पदाधिकारी शामिल हुए।
नए नियम और टैक्स से ट्रांसपोर्टर परेशान
            भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया की ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार नए नियम, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माना और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक जैसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स वसूलने का विरोध किया जा रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में भी मनमाने ढंग से ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। जिसके कारण परिवहन व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि परिवहन क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह व्यवसाय लगातार कठिनाइयों के दौर से गुजर रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि व्यावसायिक वाहनों से संबंधित नियमों को सरल, व्यावहारिक और व्यवसाय हितैषी बनाया जाए।
समाधान नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी
            राठौड़ ने बताया की प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने से वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जिससे वाहन खड़े रहने और आर्थिक नुकसान की स्थिति बन रही है। संगठनों ने परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान, बढ़ते जुर्माने और व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस अनिवार्यता को भी प्रमुख समस्याएं बताते हुए जीपीएस व्यवस्था को समाप्त करने या स्वैच्छिक करने की मांग दोहराई। बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर इकट्ठा हुए विरोध प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा।      








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