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भाविप राजस्थान उत्तर-पश्चिम क्षेत्र ने रचा नया कीर्तिमान, संगठनात्मक विस्तार में देशभर में बना नंबर-1

 

16,243 सदस्यों का अंशदान जमा, 12 नई शाखाओं का गठन और 16 विकास रत्न 106 विकास मित्र बने

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र ने संगठनात्मक विस्तार और मजबूती की दिशा में देश भर में सबसे आगे रहते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सेवा पखवाड़े और परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समीक्षा बैठक में संगठन की इस बड़ी उपलब्धि को साझा किया गया। राजस्थान की धरती से परिषद के विस्तार के लिए किए गए निरंतर और सृजनात्मक प्रयासों के चलते संगठन ने प्रथम तिमाही में ही श्रेष्ठता की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल और क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी के अनुसार, संगठन पर्व के अंतर्गत क्षेत्र के 16,243 सदस्यों का अंशदान केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है। यह आंकड़ा गत वर्ष की 30 जून 2025 तक जमा सदस्य अंशदान का 134 प्रतिशत और गत वर्ष की कुल सदस्यता का 96 प्रतिशत है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। इसके साथ ही वर्तमान सत्र 2026-27 में अब तक 12 नवीन शाखाओं का गठन किया जा चुका है। परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर 63 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि वर्तमान सत्र में अब तक 16 विकास रत्न और 106 विकास मित्र बने हैं। संगठन को गति देने के लिए सवाई माधोपुर में क्षेत्रीय कार्यशाला का नवाचार के साथ सफल आयोजन किया गया। इसके अलावा क्षेत्र के 7 जिलों कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा राजसमंद (श्रीगंगानगर) में जिला स्तरीय प्रबुद्ध एवं संपन्न वर्ग के साथ विशेष संपर्क बैठकों का आयोजन किया गया। क्षेत्र की कुल 262 शाखाओं में से 254 शाखाओं में गतिविधि संयोजकों की नियुक्ति की जा चुकी है। ये सभी शाखाएं पूर्ण उत्साह के साथ प्रांतीय टीमों के समन्वय से केंद्र, क्षेत्र और प्रांत की अपेक्षाओं को पूरा करने में जुटी हुई हैं। बैठक में क्षेत्रीय टीम की सक्रियता, सजगता और संगठनात्मक क्षमता पर शीर्ष नेतृत्व ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी समय में भी उत्तर-पश्चिम क्षेत्र संगठनात्मक उत्कृष्टता, सेवा कार्यों और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।  
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