रामेश्वरम में माहेश्वरी समाज का महासंगम, भगवान महेश के महाप्रसाद में उमड़ा जनसैलाब
महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंचे हजारों समाजजन, अन्न का सम्मान करते हुए ‘झूठा नहीं छोड़ने’ का दिया गया प्रेरक संदेश
भोजन निर्माण, परिवहन, वितरण, भोजन काउंटर एवं कैटरिंग समिति ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) श्री नगर माहेश्वरी सभा द्वारा महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित माहेश्वरी समाज के विशाल महासंगम में शहर सहित जिलेभर से पहुंचे हजारों समाजजनों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। भगवान महेश की कृपा एवं आशीर्वाद के प्रतीक स्वरूप आयोजित महाप्रसाद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। महाप्रसाद के निर्माण से लेकर उसके परिवहन, वितरण एवं भोजन काउंटरों के सुचारू संचालन तक कैटरिंग समिति एवं कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने समाज की एकजुटता, संस्कारों और सेवा परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर, सामाजिक एकता और सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला। नगर सचिव सुरेश बिरला ने बताया की महासंगम में कृष्णगोपाल जाखेटिया रमेश बाहेती, कैलाश ईनानी, अरविन्द नामधरानी, दिलिप लाहोटी, सुभाष बाहेती, मनीश बहेडिया, दिलिप अखेराम तोषनीवाल, मनोहर अजमेरा, बालकृष्ण काबरा सहित भोजन निर्माण, भोजन परिवहन, भोजन काउंटर तथा कैटरिंग समिति के विभिन्न सदस्ययो व कई प्रदाधिकारीयो ने पूरे आयोजन के दौरान समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं को सफल बनाया। कोषाध्यक्ष गोपाल नरानीवाल व संगठन मंत्री प्रमोद डाड ने बताया की रामेश्वरम में माहेश्वरी समाज के भगवान शंकर के महाप्रसाद के महासंगम के अवसर पर झूठा नहीं छोड़ने का संदेश दिया ’इतना ही ले थाली में व्यर्थ न जाए नाली में’। समाजजनों ने इस संदेश का स्वागत करते हुए संकल्प लेते हुए बमुखी निभाया। महासंगम ने माहेश्वरी समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की। सह संयोजक केजी राठी व अर्चित मून्दडा ने बताया की महाप्रसाद कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था की उत्कृष्ट तैयारियों और सफल संचालन ने सभी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। भोजन निर्माण टीम ने स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए स्वादिष्ट एवं सात्विक व्यंजनों की व्यवस्था की। वहीं भोजन परिवहन टीम ने निर्धारित समय पर विभिन्न स्थानों तक महाप्रसाद पहुंचकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। भोजन काउंटरों पर कार्यरत समाज बंधुओं ने अनुशासित एवं व्यवस्थित तरीके से समाजजनो को प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। महोत्सव के समापन अवसर पर संयोजक अतुल राठी ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, समाज बंधुओं एवं सहयोगियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। राठी ने बताया की महेश नवमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कार और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समाज के सभी वर्गों के लोगों ने तन, मन और धन से सहयोग कर आयोजन को भव्य एवं यादगार बनाया। कार्यक्रमों के सफल संचालन में पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका, कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा समाज जनों के उत्साहपूर्ण सहभागिता ने महोत्सव को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंचे हजारों समाजजन, अन्न का सम्मान करते हुए ‘झूठा नहीं छोड़ने’ का दिया गया प्रेरक संदेश
भोजन निर्माण, परिवहन, वितरण, भोजन काउंटर एवं कैटरिंग समिति ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) श्री नगर माहेश्वरी सभा द्वारा महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित माहेश्वरी समाज के विशाल महासंगम में शहर सहित जिलेभर से पहुंचे हजारों समाजजनों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। भगवान महेश की कृपा एवं आशीर्वाद के प्रतीक स्वरूप आयोजित महाप्रसाद कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। महाप्रसाद के निर्माण से लेकर उसके परिवहन, वितरण एवं भोजन काउंटरों के सुचारू संचालन तक कैटरिंग समिति एवं कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने समाज की एकजुटता, संस्कारों और सेवा परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर, सामाजिक एकता और सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला। नगर सचिव सुरेश बिरला ने बताया की महासंगम में कृष्णगोपाल जाखेटिया रमेश बाहेती, कैलाश ईनानी, अरविन्द नामधरानी, दिलिप लाहोटी, सुभाष बाहेती, मनीश बहेडिया, दिलिप अखेराम तोषनीवाल, मनोहर अजमेरा, बालकृष्ण काबरा सहित भोजन निर्माण, भोजन परिवहन, भोजन काउंटर तथा कैटरिंग समिति के विभिन्न सदस्ययो व कई प्रदाधिकारीयो ने पूरे आयोजन के दौरान समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं को सफल बनाया। कोषाध्यक्ष गोपाल नरानीवाल व संगठन मंत्री प्रमोद डाड ने बताया की रामेश्वरम में माहेश्वरी समाज के भगवान शंकर के महाप्रसाद के महासंगम के अवसर पर झूठा नहीं छोड़ने का संदेश दिया ’इतना ही ले थाली में व्यर्थ न जाए नाली में’। समाजजनों ने इस संदेश का स्वागत करते हुए संकल्प लेते हुए बमुखी निभाया। महासंगम ने माहेश्वरी समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की। सह संयोजक केजी राठी व अर्चित मून्दडा ने बताया की महाप्रसाद कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था की उत्कृष्ट तैयारियों और सफल संचालन ने सभी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। भोजन निर्माण टीम ने स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए स्वादिष्ट एवं सात्विक व्यंजनों की व्यवस्था की। वहीं भोजन परिवहन टीम ने निर्धारित समय पर विभिन्न स्थानों तक महाप्रसाद पहुंचकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। भोजन काउंटरों पर कार्यरत समाज बंधुओं ने अनुशासित एवं व्यवस्थित तरीके से समाजजनो को प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। महोत्सव के समापन अवसर पर संयोजक अतुल राठी ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, समाज बंधुओं एवं सहयोगियों का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। राठी ने बताया की महेश नवमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कार और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समाज के सभी वर्गों के लोगों ने तन, मन और धन से सहयोग कर आयोजन को भव्य एवं यादगार बनाया। कार्यक्रमों के सफल संचालन में पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका, कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा समाज जनों के उत्साहपूर्ण सहभागिता ने महोत्सव को विशेष स्वरूप प्रदान किया।


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