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मोबाइल स्मार्ट है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि उपयोगकर्ता स्मार्ट हो: एडवोकेट अशोक जैन

 

महात्मा गांधी राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पुलिस लाइन में साइबर क्राइम एवं विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्यपर संगोष्ठी का आयोजन

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) राजस्थान में शिक्षा और कानूनी जागरूकता को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अभियान Transformative Tuesdays: Navigating Life Legally के तहत प्रदेशभर के स्कूलों में एक साथ साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत अभय जैन अध्यक्ष, एवं विशाल भार्गव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थ सदस्यों द्वारा भीलवाडा शहर के विभिन्न विद्यालयों में साईबर क्राईम विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर उपस्थित विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढाया। महात्मा गांधी राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पुलिस लाइन, भीलवाड़ा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा के तत्वावधान में एक विधिक साक्षरता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय साइबर क्राइम एवं विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्यरहा। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थ विशेषज्ञ अशोक जैन, एडवोकेट ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। अनजान लिंक, फर्जी मैसेज एवं ओटीपी साझा करने जैसी छोटी-छोटी लापरवाहियां गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार जैसे अकाउंट हैकिंग, फेक आईडी, साइबर बुलिंग एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से समझाया तथा बताया कि ऐसे अपराध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनिय ¼IT Act½] भारतीय दंड संहिता ¼IPC½ एवं पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय हैं। विद्यार्थियों को यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर समस्या होने पर वे 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या www-cybercrime-gov-in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं तथा अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को तुरंत सूचित करें। जैन ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में भी जानकारी देते हुए सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, गोपनीयता की रक्षा एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल स्मार्ट है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि उपयोगकर्ता स्मार्ट हो। सावधानी ही साइबर सुरक्षा है।इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रम अनेक विद्यालयों में संचालित किए गये हैं इसमें शांतिलाल जैन, प्रहलाद राय व्यास, कुणाल ओझा आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में रवि वशिष्ठ (प्रधानाचार्य), सुनील राय पोरवाल (व्याख्याता), सौरभ गौड़ (व्याख्याता) सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग बनाना रहा। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सुनील राय पोरवाल ने किया।                           

 

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