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चुनाव से मतभेद होता है और फिर मनभेद, योग्य व्यक्तियों को बढ़ायें आगे: ममता मोदानी

 

अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत द्वारा राष्ट्रीय स्तर की वैचारिक वार्ता आयोजित

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) चुनाव से मतभेद होता है और फिर मनभेद भी हो ही जाते है। किसी भी संगठन में समाज के ही लोग होते हैं और अगर चुनाव होते हैं तो यह मानवीय स्वभाव है कि उनमें आपसी तनाव होता ही है और रिश्तो में फर्क ही जाता है। चुनाव के बाद फिर एक-दूसरे का सहयोग नहीं करते हैं, बल्कि खिंचाई करते हैं और इससे गुटबाजी बढ़ जाती है। इसलिए योग्यता के आधार पर पदाधिकारियों को मनोनीत किया जाना चाहिए, सामाजिक संगठनों में चुनाव नहीं हो तो अच्छा संदेश जाता है। यह बात अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ममता मोदानी ने अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वैचारिक वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए कही। सामाजिक संगठनों में चुनाव होने चाहिए या तन मन धन तीनों को संतुलित करते हुए योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होनी चाहिए..?? विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब के भीलवाड़ा स्थित राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वैचारिक वार्ता चर्चा चाय पर की अध्यक्षता करते हुए क्लब की राष्ट्रीय महासचिव अनिता सोडाणी ने इस विषय पर क्लब के 133 जिलों से इस विषय पर प्राप्त अधिकांश विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों में चुनाव नहीं होने चाहिए तथा अति महत्वाकांक्षी व्यक्तियों को सामाजिक संगठनों से दूर रखा जाना चाहिए। राजनैतिक दलों और सामाजिक संगठनों में फर्क होता है, राजनैतिक दलों में सदस्यों को कार्यकर्त्ता और सामाजिक संगठनों में सदस्यों को समाज सेवक कहा जाता है। कोई भी कार्यक्रम हो उसमें तन मन धन तीनों की आवश्यकता होती है इसलिए सामाजिक संगठनों में पदाधिकारियों का मनोनयन दो स्पष्ट वर्गों में होना चाहिए, जिसको देखते ही स्पष्ट हो जाए कि निम्न पदासीन व्यक्तियों ने समाज के लिए पैसा दिया है तथा निम्न पदों पर नियुक्त पदाधिकारी समाज के लिए अपना समय दे रहे है। चर्चा चाय पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्लब की राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुमन सोनी ने कहा कि यह भी सत्य है कि जो वास्तव में सेवा करने का भाव रखता होगा उसे किसी पद का लालच नहीं होगा लेकिन ऐसे लोगों को ही सामाजिक संगठनों में पदाधिकारी मनोनीत करना चाहिए जिन पर किसी तरहा का कोई लांछन नहीं हो। इस महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वैचारिक वार्ता का शानदार संचालन क्लब की जिलाध्यक्ष डॉ चेतना जागेटिया ने किया तथा कान्ता मेलाणा, डॉ राखी राठी, एडवोकेट नीलम दरगड़, इन्दिरा सोमानी ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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