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विधायक अशोक कोठारी के नेतृत्व में निकली भरका माता पदयात्रा, गौसेवा कर मांगा विश्व कल्याण

 

 

17 वर्षों से निरंतर जारी परंपरा में सामाजिक समरसता, शांति और सद्भाव का दिया संदेश

 

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। आस्था के कदम, विश्व कल्याण की कामना और गौसेवा का संकल्प.....विधायक अशोक कुमार कोठारी के नेतृत्व में रविवार को भीलवाड़ा से भरका माता मंदिर तक निकली पदयात्रा ने शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। 17 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में श्रद्धालुओं ने अरावली की पहाड़ियों के बीच मौन यात्रा कर सर्वकल्याण की प्रार्थना की और भरका माता के दर्शन के बाद गौवंश को घी से बनी लापसी खिलाकर जीवमात्र के प्रति करुणा का भाव प्रकट किया। पदयात्रा का शुभारंभ नवकार कॉम्प्लेक्स के बाहर भरका माता और गौमाता के जयकारों के साथ हुआ। यहां से सभी पदयात्री कारोई स्थित विनायक विद्या पीठ पहुंचे। इसके बाद धन्नाजी का खेड़ा गांव से प्रकृति की सुरम्य वादियों के बीच निधि वन होते हुए भरका माता मंदिर तक की यात्रा जंगल और पहाड़ी मार्गों से मौन रहकर पूरी की गई। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं, रास्ते में आने वाले गांवों में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ पदयात्रियों का स्वागत किया। लाखोला गांव में भी ग्रामवासियों ने आत्मीयता के साथ पदयात्रा का अभिनंदन किया। पदयात्रा के दौरान संपूर्ण विश्व के कल्याण, समाज में शांति एवं सद्भाव की स्थापना तथा पशु-पक्षियों सहित गौवंश के सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक समरसता, आपसी विश्वास और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का संदेश दिया गया। पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। भरका माता मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद गौशाला में गौवंश को शुद्ध घी से निर्मित लापसी खिलाई गई। इस दौरान गौसेवा और जीवमात्र के कल्याण के प्रति समर्पण का भाव देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गौमाता की सेवा को पुण्य कार्य बताते हुए सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता रखने का संदेश दिया। पदयात्रा में संतलाल दास महाराज, लक्ष्मी नारायण डाड, डॉ. देवेंद्र कुमावत, विश्वनाथ प्रताप सिंह, डॉ. राजकुमार चतुर्वेदी, भगवान सिंह चौहान, आनंद चपलोत, गौतम कोठारी, राकेश कोठारी, अंशुल कोठारी, विकास कोठारी, नवीन खंडेलवाल, राजेश रांका, दिनेश लक्षकार, शोभालाल जीनगर, आजाद शर्मा, ज्ञान प्रकाश नाहर, सत्यनारायण गुग्गड़, छितरमल गेंगट, राजकुमार ईनाणी, केदार जागेटिया, कैलाश जीनगर, बहादुर सिंह, संजय राठी, गजेंद्र सिंह राठौड़, सुरेंद्र जैन, दिनेश सुथार, पृथ्वीराज सिंह चौहान, प्रिंस जैन, अजय पाराशर, रचित रांका और विनोद मीणा सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं पदयात्री शामिल हुए।     

 

 

 

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