जिला कलेक्टरी में फूटा नर्सिंग कर्मचारियों का दर्द, कई महिला कर्मचारी रो पड़ीं
आरएनयू ने जिला कलेक्टर जसमीत संधू सहित सांसद, भीलवाड़ा विधायक, मांडलगढ़ विधायक, पूर्व विधायक को सौपा ज्ञापन
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग कर्मचारियों को आज अपने पद और अधिकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों को अपने पद बचाने के लिए जिला कलेक्टरी के चक्कर लगाने पड़े। अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर पहुंचे कर्मचारियों में कई महिला नर्सिंग कर्मी भावुक होकर रो पड़ीं। उनका कहना था कि वर्षों से मरीजों की सेवा करने के बावजूद आज उन्हें अपने भविष्य और रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों की सेवा में दिन-रात समर्पित रहने वाले नर्सिंग कार्मिक अब प्रशासनिक विसंगतियों और भर्ती संबंधी समस्याओं के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। राजस्थान नर्सेज़ यूनियन जिला अध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में 83 नर्सेंज ने अपने विलोपित पदों से त्रस्त होकर शुक्रवार को जिला कलेक्टर जसमीत संधू सहित सांसद, भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी, मांडलगढ़ विधायक गोपाललाल खंडेलवाल, पूर्व विधायक विठलशंकर अवस्थी को ज्ञापन सौपा। यूनियन के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने बताया की राजमेस ने 7 मेडिकल कॉलेज में 1267 पदों को विलोपित कर दिया है जिसमें भीलवाड़ा में 83 नर्सिंग ऑफिसर के पद समाप्त कर दिए गए हैं जो की पिछले 9 वर्षों से लगातार महात्मा गांधी चिकित्सालय में पूर्ण दक्षता से गंभीर मरीजों की सेवा कर रहे है उन पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं अतः के अनुभव को देखते हुए जल्दी से जल्द इन पदों का जिले मे ही समायोजित करते हुए या पुनर्सेंर्जित करते हुए हमें राहत प्रदान करे। गिरिराज लढा ने बताया की ज्ञापन में मांग की गई की कोरोना काल के समय में मिले सम्मान के पत्र अब आंसुओ की भेंट चढ़ने को है जिन्हे बचा लीजिये। नर्सिंग कर्मचारियों फूट फुट कर रो पड़े की 9 साल पहले घर और घर के पास के बीच से हमें भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए यहाँ लगाया गया और अब उसमे आवश्यकता होने स्टाफ की कमी होने के बाद भी पद विलोपित होने की वजह से बाहर जाना पड़ेगा जो बिलकुल न्यायोचित नहीं है जिस पर सहानुभूति दिखाते हुवे जिला कलेक्टर ने राज्य सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजने का आश्वासन दिया। महात्मा गाँधी के नर्सेज ने सांसद जन सुनवाई में उपस्थित होकर अपनी पीड़ा को रखा ज्ञापन के रूप में जहाँ सांसद ने पूर्ण रूप से आश्वास्त किया की मै आपके पक्ष में हु और पुरे प्रयास करूँगा की आप सब यहाँ यही कार्यरत रहे। उन्होंने मोके पर ही प्रिंसिपल डॉक्टर वर्षा अशोक सिंह राठौड़ को फोन कर उचित मार्गदशन दिए। ज्ञापन देने वालो में ललित जीनगर, करण सिंह सिसोदिया, दिनेश खटीक, अनीता चौधरी, विमला व्यास, सुनील व्यास, विनोद सोनी, मनोज धाकड़, लाड कंवर, पिंकी खटीक, अनीता खोईवाल, जगदीश, गोविन्द सुखवाल, मोहम्मद इमरान, इक़बाल, सत्यनारायण, अशोक, प्रमोद भड़गा, अन्नू खटीक, अंतिम बाला. नवनीत त्रिपाठी, ममता बडेला, लीला माली, नीलिमा गोस्वामी, नीलिमा सिखवाल, विनोद वर्मा, आसिफ मोहम्मद, मेना धाकड़, अन्नू खटीक, कमला पहाड़िया, मुरली जीनगर, हँसा सेन, प्रेम रेगर, अन्नू कवर राठौर सहित कई नर्सेंज उपस्थित थे।


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