अनूठी धार्मिक परंपरा देखने दूर-दूर से पहुंचे भक्त, आस्था और मान्यता का अद्भुत संगम
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। शहर के पंचमुखी मोक्ष धाम स्थित प्राचीन मसानिया भैरवनाथ मंदिर में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहाँ माँ बगलामुखी को प्रसन्न करने के लिए 751 किलो सूखी लाल मिर्च का विशाल हवन किया गया। यह परंपरा पिछले 10 वर्षों से निरंतर चली आ रही है, लेकिन इस वर्ष मिर्च की मात्रा ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस अनोखे हवन को देखने और इसमें भाग लेने के लिए आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर के युवा अध्यक्ष रवि कुमार सोलंकी ने बताया कि इस हवन का मुख्य उद्देश्य भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करना और माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करना है। माना जाता है कि इस विशेष हवन में भाग लेने से घर-परिवार में सुख और शांति आती है। अक्सर लोगों के मन में शमशान (मोक्ष धाम) के प्रति एक डर और नकारात्मकता होती है। इस हवन के माध्यम से उस डर को दूर करने और बुरी शक्तियों व रोगों के निवारण का संदेश दिया जाता है। मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटीक ने कहा कि यहाँ बाबा काल भैरवनाथ, माँ आदिशक्ति कालका और बाबा गुप्तेश्वर महादेव की उपस्थिति मानी जाती है। हवन के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे उपस्थित थे। तीखी लाल मिर्च के धुएं के बावजूद भक्तों की आस्था कम नहीं हुई। पिछले वर्ष 551 किलो मिर्च का हवन किया गया था, जबकि इस वर्ष 2026 में इसकी मात्रा बढ़ाकर 751 किलो कर दी गई। यह संपूर्ण आयोजन मंदिर समिति द्वारा पूर्णतः निशुल्क किया गया। श्रद्धालुओं के बैठने, सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं का भार मंदिर द्वारा ही उठाया गया। भक्तों का मानना है कि यहाँ दर्शन मात्र से ही कई प्रकार की गृह बाधा और शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं। हवन के दौरान पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और धुएं की तीव्रता से भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भैरुनाथ भगवान के जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा प्रकट की और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

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