पारंपरिक पेशा वर्ग से जुड़े 100 से अधिक सूक्ष्म उद्यमियों ने लिया भाग
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर एवं मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ चैम्बर भवन में पीएम विश्वकर्मा योजना पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में भीलवाड़ा जिले के पारंपरिक पेशा वर्ग जैसे सुथार, सुनार, राजमिस्त्री, कुम्हार, मोची, लुहार, नाई आदि से जुड़े 100 से अधिक सूक्ष्म उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान उद्यमियों को उद्यम प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की प्रक्रिया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके उत्पादों और सेवाओं के लिए शुरू से अंत तक समग्र सहायता प्रदान करने की दूरदर्शी पहल है। इसके तहत कारीगरों और शिल्पकारों को 'विश्वकर्मा' के रूप में मान्यता दी जा रही है और उन्हें योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से जो कारीगर पहले दूसरों के यहां नौकरी करते थे, वे अब स्वयं सक्षम बनकर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। लीड बैंक मैनेजर अशोक पांडे ने उद्यमियों को बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक के.के. मीणा ने जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान गजानंद बोहरा ने उपस्थित लाभार्थियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया एवं डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से अपने उत्पादों को देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंचाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मेवाड़ चैम्बर के संयुक्त सचिव एन.के. जैन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर के सहायक निदेशक मधुकर शर्मा ने आभार व्यक्त किया। सेमिनार में बड़ी संख्या में योजना के लाभार्थी, उद्यमी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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