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भैरूजी के जयकारे... भजनों की तान और सुरों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु, भक्तिरस में डूबा यश विहार

  1. ‘एक शाम श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी के नाम’ में सोनू सिसोदिया व प्रेम शंकर जाट ने दी सुमधुर प्रस्तुतियां

  2. 51 दीपकों से हुई महाआरती, जयकारों और तालियों से देर रात तक गूंजता रहा पांडाल

  3.  भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भैरूजी के जयकारे... भजनों की मधुर तान... तालियों की गूंज और सुरों पर झूमते श्रद्धालु। कोटा रोड स्थित यश विहार में शाम ढलते ही कुछ ऐसा ही भक्तिमय नजारा दिखाई दिया। नवकार मित्र मंडल, भीलवाड़ा की ओर से आयोजित ‘एक शाम श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी के नाम’ विशाल भजन संध्या में आस्था और संगीत का ऐसा संगम हुआ कि श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में सराबोर रहे। श्री काल भैरव के मुख्य उपासक विद्याप्रकाश जी पडियार (गुरुदेव), श्री नाकोड़ा उपासक कपिल जी पडियार एवं श्री देवनारायण उपासक रतनलाल जी सेन के सानिध्य में 51 दीपकों से महाआरती के साथ भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। आरती के दौरान गूंजते जयकारों ने पूरे आयोजन स्थल को भक्तिमय बना दिया। महाआरती के बाद पाली के संगीतकार एवं गायक सोनू सिसोदिया और भीलवाड़ा के प्रेम शंकर जाट ने भैरूजी महाराज की भक्ति से जुड़े एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। जैसे-जैसे भजनों की लय चढ़ती गई, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। कोई तालियां बजाता नजर आया तो कोई भक्ति में झूमता रहा। पाली से आईं भजन गायिका सोनू सिसोदिया ने ‘आवनो पड़ेला भैरू जी, आवनो पड़ेला, आज रा भजना में थाने आवनो पड़ेला’, ‘ओ भैरू जी थारो भक्त बनूं मैं’ और ‘लटियाला भेरू लटियाला’ जैसे भजनों से माहौल को भक्तिरस से भर दिया। वहीं ‘दादा तेरा क्या फर्ज नहीं भक्तों के घर आने का’ और ‘जब कोई नहीं आता मेरे दादा आते हैं’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। इसके बाद भीलवाड़ा के प्रेम शंकर जाट ने ‘गाडियां गाडियां’, ‘होटला पे नाम लिख्यो भैरूजी को’ और ‘कृपा कर दो भैरू जी, सबका भर दो भंडार’ जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं में जोश भर दिया। भैरूजी की महिमा से जुड़े भजनों के बीच लगातार जयकारे गूंजते रहे और पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। आयोजक समिति के पवन बोहरा, देवेंद्र डूंगरवाल, पवन सिंघवी व सुष्मित देरासरिया ने बताया कि भजन संध्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देर रात तक भक्ति गीतों का सिलसिला चलता रहा। भजनों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। कार्यक्रम में विधायक अशोक कोठारी, विधायक लादू लाल पितलिया, समाजसेवी तिलोक छाबड़ा, उपमहापौर राधेश्याम सोमानी, श्री टोंडगढ़ काला-गोरा धाम अध्यक्ष राजेंद्र सेठिया, विनोद पडियार, भावेश पडियार, बुद्धिप्रकाश पडियार, निकुंज प्रजापति, पवन लोढ़ा, अशोक पोखरना, रमेश सोनी, हर्ष सामलिया, दीपचंद डाक, बालचंद डेरासरिया, देवीलाल गैंग, अशोक सेन सहित अनेक धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में चुन्नीलाल, पवन कुमार, आकाश, बादल बोहरा परिवार बेमाली-भीलवाड़ा, डुंगरसिंह, देवेंद्र कुमार, अरुण कुमार, पर्व कुमार डूंगरवाल परिवार कालियास, शंकरलाल, प्रशांत कुमार, देरासरिया परिवार कोशीथल, विनय कुमार, विभोर कुमार गोधा भीलवाड़ा, हितेश कुमार, शैलेन्द्र काबरा, भैरूलाल व तेजसिंह बोहरा सहित धर्मप्रेमियों का सहयोग रहा। व्यवस्थाओं में प्रकाश पितलिया, दिनेश गांधी, सुरेंद्र सांखला, संजय रांका, नरेंद्र चौधरी, विभोर गोधा, हितेश काबरा, भैरूलाल बोहरा, रमेश कोठारी, मदन भंडारी, कान्तीलाल लुंकड़, संजय मांडोत, विमल पितलिया, अंकित गिलुडिया, राहुल पानगड़िया, शांतिलाल कोठारी, धर्मेश गांधी, संदीप पटवारी, शंकर सिंह राठौड़, पिंटू माली, अमित चौधरी, वैभव जैन, राकेश लोढ़ा, आयुष खटोड़, मुकेश कुमार सुवालका, देवेंद्र सुखवाल, गौरव चतुर्वेदी, पवन नाहटा एवं कविश नाहर सहित नवकार मित्र मंडल के सदस्य व कार्यकर्ता जुटे रहे। भक्ति संगीत, जयकारों और श्रद्धालुओं की आस्था से सजा यह आयोजन देर रात तक धार्मिक उत्सव का रूप लिए रहा। नवकार मित्र मंडल की ओर से आयोजित भजन संध्या का उद्देश्य श्री टोंडगढ़ काला-गोरा भैरूजी महाराज के प्रति श्रद्धा और आस्था को भजन-संगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना रहा।                                  

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