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माधव गौशाला में राधाष्टमी पर सजा राधा रानी का दरबार, मां भारती समूह के भजनों से गूंजा गौशाला परिसर

 

छप्पन भोग के साथ 100 तरह की मिठाइयों का भोग, 22 सितंबर को होगा जलझूलनी एकादशी मेला

 

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) राधाष्टमी पर माधव गौशाला परिसर स्थित मंदिर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। मां भारती समूह की ओर से आयोजित धार्मिक उत्सव में राधा-कृष्ण के स्वरूप, भजन और आकर्षक सजावट ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। राधा-कृष्ण के स्वरूप, भजन संध्या और छप्पन भोग ने श्रद्धालुओं को बांधे रखा। अब 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी मेले की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इस मौके पर भगवान ठाकुर जी का बेवाण निकलेगा। अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया की राधा रानी के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर और मुख्य गर्भगृह को आकर्षक झूमरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। शाम होते ही भजनों की स्वर लहरियों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। आयोजन के दौरान सूर्यकांता, प्रमिला, आशा और राधा ने श्री राधा रानी का स्वरूप धारण किया। वहीं पंडित आनंद, दीपक और प्रकाश ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी का रूप धारण कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सजावट में उदयलाल और दुर्गेश के प्रयासों की श्रद्धालुओं ने सराहना की। भजन संध्या में भजन गायिका मंजू तंबोली, अन्ना, कलावती और राजकुमारी ने राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के साथ श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते नजर आए। राधा रानी को छप्पन भोग और 100 प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया गया। इसके बाद मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं को पेड़े का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवागमन की व्यवस्था भी की गई। इसके तहत छह बसें, 10 टेम्पो और -बसें लगाई गईं। आयोजन में मुख्य संयोजक अलका जोशी, ज्योति देवी, बेबी, मीरा सहित कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी गोपाल जोशी ने संभाली। मंदिर में 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी मेले का आयोजन होगा। इस दौरान भगवान ठाकुर जी का बेवाण निकाला जाएगा। मेले को लेकर पैदल यात्रियों के आवागमन सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।     


 

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