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बदलती तकनीक के साथ तालमेल और कॉरपोरेट गवर्नेंस में एआई का सही उपयोग समय की जरूरत: राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन चांडक

आईसीएसआई भीलवाड़ा चैप्टर की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न, उद्योग एवं कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने लिया भाग

 

कॉरपोरेट गवर्नेंस में एआई के समावेश पर जोर, कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

 

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल)। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के भीलवाड़ा चैप्टर की ओर से निजी होटल में एआई अनलॉक्डः कॉरपोरेट गवर्नेंस के भविष्य का रूपांतरणविषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कॉरपोरेट गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग, इसकी संभावनाओं तथा तेजी से बदलते नियामकीय परिदृश्य पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ आईसीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन चांडक, विशिष्ट अतिथि ओसवाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक प्रवीण ओसवाल, आईसीएसआई सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीएस मनोज कुमार पुरवे तथा एनआईआरसी-आईसीएसआई के सचिव सीएस राहुल शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता सीए रतन सिंह तंवर ने कंपनी सचिवों के लिए एआई टूल्स, बोर्ड मैनेजमेंट और रेगुलेटरी कम्प्लायंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता पर व्यावहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीकों का प्रभाव कॉरपोरेट क्षेत्र के विभिन्न कार्यों के साथ-साथ निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रोफेशनल्स के लिए एआई की कार्यप्रणाली को समझना और उसका प्रभावी इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। आईसीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस पवन चांडक ने कहा कि बदलती तकनीक के साथ तालमेल बैठाना और कॉरपोरेट गवर्नेंस में एआई का सही एवं प्रभावी उपयोग करना वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता है। एआई के माध्यम से कंपनी सचिवों के कार्यों में तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ अनुपालन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है। ओसवाल ने उद्योग जगत में नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि तकनीकी बदलावों के साथ उद्योगों में कार्य करने के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। वहीं सीएस मनोज कुमार पुरवे तथा सीएस राहुल शर्मा ने कंपनी सचिवों के लिए आधुनिक कानूनों, एआई टूल्स और बदलती रेगुलेटरी व्यवस्थाओं को अपनाने की दिशा में मार्गदर्शन दिया। वक्ताओं ने कॉरपोरेट क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल के साथ नियमों और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समझने पर भी जोर दिया। कार्यशाला में भीलवाड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कंपनी सचिव, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स शामिल हुए। सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को एआई के व्यावहारिक उपयोग, बोर्ड मैनेजमेंट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और कॉरपोरेट गवर्नेंस में इसकी बदलती भूमिका की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर चैप्टर अध्यक्ष सीएस अदिति बाबेल एवं सचिव सीएस वरुण काबरा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रायोजकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।


एआई से सीएस प्रोफेशनल को खतरा नहीं, बदल रही है काम करने की शैली: चांडक

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के भीलवाड़ा प्रवास के दौरान सीएस पाठ्यक्रम, विद्यार्थियों के भविष्य, कॉर्पाेरेट क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं और तकनीकी बदलावों पर निजी होटल में सवांददाताओं से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कंपनी सेक्रेटरी के पेशे और रोजगार को खतरा नहीं है, बल्कि तकनीक के माध्यम से कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। बातचीत में सीएस की बढ़ती मांग, संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारियों, विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं सहायता, कंपनी कानून के प्रावधानों और व्यावसायिक नैतिकता पर भी विचार साझा किए गए।   उन्होंने बताया कि संस्थान के देशभर में 81 हजार से अधिक सदस्य हैं, जिनमें 40 हजार से ज्यादा फेलो सदस्य शामिल हैं। बातचीत में सीएस पाठ्यक्रम में तकनीकी बदलाव, विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, रोजगार की संभावनाओं, कंपनियों में सीएस नियुक्ति एवं सेक्रेटेरियल ऑडिट की अनिवार्यता और पेशेवर नैतिकता जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान आईसीएसआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर मनोज कुमार पूर्बे, एनआईआरसी ऑफ आईसीएसआई के सचिव राहुल शर्मा एवं भीलवाड़ा शाखा अध्यक्ष अदिति बाबेल भी मौजूद थे।           

 
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