5 लाख का लक्ष्य पार कर एक लाख से ज्यादा अतिरिक्त सहभागिता, 3,736 स्कूलों और 229 शाखाओं ने बनाया इतिहास
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भारत विकास परिषद के संस्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘भारत को जानो’ अखिल भारतीय लिखित प्रतियोगिता में राजस्थान ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है। प्रदेश की 229 शाखाओं के माध्यम से आयोजित इस विशाल अभियान में 3,736 विद्यालयों के 6,06,973 विद्यार्थियों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। परिषद ने निर्धारित 5 लाख विद्यार्थियों के लक्ष्य को न केवल पार किया, बल्कि एक लाख से अधिक अतिरिक्त विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। क्षेत्रीय अध्यक्ष राधेश्याम रंगा ने बताया कि भारत विकास परिषद वर्ष 1963 से सेवा, संस्कार, समर्पण एवं राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से “स्वस्थ, समर्थ एवं संस्कारित भारत” के निर्माण के लिए कार्यरत है। इस वर्ष प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग के 2,62,911 तथा वरिष्ठ वर्ग के 3,44,062 विद्यार्थियों सहित कुल 6,06,973 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शाखा से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता, सुनियोजित योजना और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। लगभग 6.25 लाख प्रश्नपत्रों का मुद्रण और समयबद्ध वितरण किया गया। राजस्थान सरकार, शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और विद्यालयों के प्रभावी सहयोग से अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गत वर्ष जहां प्रतियोगिता में 4.58 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 6 लाख से अधिक पहुंच गई। क्षेत्रीय महासचिव सीए संदीप बाल्दी ने बताया कि परिषद वर्ष 2001 से राष्ट्रीय स्तर पर ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रीय मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास करना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा की सफलता नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों तक भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना पहुंचाने के व्यापक अभियान की ऐतिहासिक सफलता है।
राजस्थान दक्षिण प्रांत सबसे आगे
प्रतियोगिता में राजस्थान दक्षिण प्रांत ने सर्वाधिक 1,84,757 विद्यार्थियों की सहभागिता दर्ज कर क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दौसा शाखा ने 26,212 विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ शाखा बनने का गौरव हासिल किया। राजस्थान दक्षिण-पूर्व प्रांत ने अपनी सभी 40 शाखाओं में प्रतियोगिता आयोजित कर शत-प्रतिशत सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। राजस्थान पूर्व प्रांत ने गत वर्ष की तुलना में 225 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की, जबकि राजस्थान, उत्तर-पूर्व, पश्चिम एवं उत्तर प्रांतों ने भी 110 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हासिल की। राजस्थान मध्य प्रांत ने भी अपने निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति की।
अब भीलवाड़ा में होगा क्षेत्रीय मुकाबला
अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि संयोजक एवं जोबनेर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि अभियान की सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं का समर्पण, अनुशासन, समन्वय और संगठन की सामूहिक शक्ति रही। अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि सह-संयोजक मुकेश लाठी ने बताया कि प्रतियोगिता कक्षा 6 से 8 एवं 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए चार चरणों-शाखा, प्रांत, क्षेत्र और राष्ट्रीय स्तरकृपर आयोजित की जाती है। लिखित परीक्षा के बाद अब शाखा एवं प्रांत स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता 22 नवंबर 2026 को भीलवाड़ा में आयोजित होगी, जबकि राष्ट्रीय प्रतियोगिता 17 जनवरी 2027 को गया (बिहार) में होगी। प्रतियोगिता के सफल संचालन में राष्ट्रीय संस्कार गतिविधि सदस्य रवि विजय, क्षेत्रीय संस्कार संयोजक आर.एस. सक्सेना एवं रितेश अरोड़ा, तथा प्रांतीय संस्कार संयोजकों दिव्या माथुर, रामकिशोर राठौड़, अरुण बाहेती, राजेन्द्र पारिक, संजय खंडेलवाल, महावीर शर्मा एवं संजय गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत विकास परिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना को और अधिक सुदृढ़ करेगी।




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