Image 1
Image 2
Image 3
Image 4

संगठन से जुड़कर समाज सेवा करना किसी तपस्या से कम नहीं है: विधायक अशोक कोठारी

  

भाविप स्वामी विवेकानंद शाखा का निष्ठा शिखर सम्मान समारोह संपन्न, 30 प्रबुद्ध जन सम्मानित

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) ऋषि-मुनियों के इस देश में भारत विकास परिषद द्वारा किया जा रहा आध्यात्मिक सेवा कार्य अत्यंत सराहनीय है। संगठन से जुड़कर समाज सेवा करना किसी तपस्या से कम नहीं है। यह विचार भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने भारत विकास परिषद (भाविप) स्वामी विवेकानंद शाखा के 37 वर्षों की अनवरत सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित निष्ठा शिखर सम्मान समारोह 2026 में व्यक्त किए। इस मौके पर निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री महाराज ने कहा कि भारत विकास परिषद जैसी संस्थाएँ हमारे समाज में संस्कारों की धरोहर को सहेजने का महती कार्य कर रही हैं। स्वामी विवेकानंद जी ने जिस समर्थ और संस्कारी भारत का स्वप्न देखा था, उसे धरातल पर उतारने के लिए युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का सिंचन अनिवार्य है। भौतिक प्रगति के इस दौर में यदि हमारी जड़ें (संस्कार) मजबूत नहीं होंगी, तो समाज का ढांचा बिखर जाएगा। परिषद् द्वारा आयोजित यह श्निष्ठा शिखर सम्मान समारोहश् और श्बाल संस्कार शिविरश् समाज को सही दिशा देने वाले अनुकरणीय प्रयास हैं। संतों का आशीष सदैव ऐसे राष्ट्रव्यापी और लोक-कल्याणकारी कार्यों के साथ है। समारोह में समाज और संगठन में उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले 30 विशिष्ट प्रबुद्ध जनों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य वक्ता त्रिलोक छाबड़ा ने ऊर्जा उपवासश् के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाए रखने और इसे आगे बढ़ाने के लिए आत्मिक ऊर्जा का संचय करना अत्यंत आवश्यक है। वहीं, विशिष्ट अतिथि रामपाल सोनी (अखिल भारतीय पूर्व सभापति, माहेश्वरी समाज) ने परिषद की अनूठी कार्यशैली और सेवा कार्यों को सराहा। राधेश्याम सोमानी ने भीलवाड़ा शाखा को देश की श्रेष्ठतम शाखाओं में से एक बताया। श्रेष्ठ विचारक लक्ष्मी नारायण डाग ने शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। समारोह के दौरान परिषद के वरिष्ठ दायित्वधारियों ने प्रेरक संस्मरण साझा किए। गोविंद प्रसाद सोडानी ने कहा कि परिषद के माध्यम से उन्हें देशव्यापी संपर्क और दायित्व निर्वाह का अवसर मिला। उन्होंने जीवन में कथनी-करनी की एकरूपता और पूर्ण अनुशासन का पाठ यहीं से सीखा। कैलाश चंद्र अजमेरा ने बताया कि उनके सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन को आगे बढ़ाने में परिषद से हमेशा मजबूत संबल प्राप्त हुआ। योगेंद्र शर्मा ने अपनी ओजस्वी पंक्तियों और जोशीले विचारों से कार्यकर्ताओं में राष्ट्र सेवा की नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में ओजस्वी वक्ता एवं विचारक योगेंद्र शर्मा, श्रेष्ठ विचारक लक्ष्मी नारायण डाड, माहेश्वरी सभा के अखिल भारतीय पूर्व सभापति रामपाल सोनी, वरिष्ठ पदाधिकारी/प्रबुद्ध वक्ता राधेश्याम सोमानी, विश्व हिंदू परिषद गीत प्रस्तुतकर्ता ओम प्रकाश बुलिया, लक्ष्मण डाड सहित नगर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में 30 विभूतियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, स्वामी विवेकानंद एवं भगवान विष्णु के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम का संयुक्त कुशल संचालन रजनीकांत आचार्य एवं गोविंद प्रसाद सोडानी ने किया। अंत में अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।    


 
Uploaded Image