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मंदिर की चौखट पर बच्चों ने सीखा सनातन का व्यावहारिक ज्ञान, चरण स्पर्श से अर्जित की ऊर्जा

 

रामधाम के पीछे माहेश्वरी भवन में गूंजे मंत्र और प्रेरणा गीत, महापुरुषों के जीवंत कट-आउट्स से महका पूरा हॉल

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद (स्वामी विवेकानंद शाखा), सनातन संस्था और काशीपुरी, वकील कॉलोनी महेश समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बाल संस्कार और युवा चेतना जागृत शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को रामधाम के पीछे माहेश्वरी भवन में अद्भुत और जीवंत दृश्य देखने को मिला। पूरा परिसर बच्चों के उत्साह, वैदिक मंत्रोच्चार और महापुरुषों के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शिविर में पहुंचे नौनिहालों ने केवल किताबी ज्ञान, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति की महानता को बिल्कुल करीब से महसूस किया और व्यावहारिक रूप से उसे अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। शिविर सत्र के दौरान मुख्य वक्ता मधुबाला यादव ने बच्चों को संबोधित करते हुए झकझोरा और कहा कि भारतीय संस्कृति अत्यंत महान है। हमारे पूर्वजों ने हमें ऐसे संस्कार दिए हैं जो हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं। चरण स्पर्श करना केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह बड़ों से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का एक सशक्त वैज्ञानिक माध्यम है, जबकि इसके विपरीत पश्चिमी सभ्यता की तरह हाथ मिलाने से हमारी आंतरिक ऊर्जा का क्षय होता है। हमारे इन छोटे-छोटे संस्कारों में ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता छिपी है। इस दौरान उन्होंने बेहद ही सरल और खेल-खेल वाले अंदाज में एक प्रेरणादायक गीत याद कराया, जिसे गाते हुए बच्चे झूम उठे। इसके बाद बच्चों को प्रायोगिक ज्ञान देने के लिए सीधे मंदिर ले जाया गया। वहां उन्हें मंदिर प्रवेश करने की मर्यादा, दहलीज को नमन करने, जूते-चप्पल नियत स्थान पर उतारने, शिखर पर लहराती ध्वजा कलश के दर्शन करने, भगवान को साष्टांग हाथ जोड़कर प्रणाम करने तथा माथे पर तिलक लगाने की सही वैदिक और वैज्ञानिक विधि व्यावहारिक रूप से सिखाई गई। शिविर को भव्य रूप देने और व्यवस्थाएं संभालने में परिषद के कर्मठ कार्यकर्ता राजेंद्र पारीक, के.जी. सोनी, हरगोविंद सोनी और घनश्याम हेड़ा पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। छोटे बच्चों का यह संस्कार शिविर आगामी 5 जून तक तथा बड़े बच्चों और युवाओं का शिविर 7 जून तक निरंतर जारी रहेगा।     

प्रोजेक्टर पर दिखी महापुरुषों की गाथा, योग से सेहत का पाठ

 शिविर स्थल के पूरे मुख्य हॉल को महापुरुषों के भव्य और आकर्षक कट-आउट से सजाया गया है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बच्चों को बड़ी स्क्रीन (प्रोजेक्टर) के माध्यम से इन महापुरुषों की प्रेरक कहानियां और विभिन्न संस्कार विधियां विस्तार से एनिमेशन के साथ समझाई गईं। सुबह के सत्र में मानसिक और शारीरिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए बच्चों को सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का सघन अभ्यास कराया गया।

शिविर के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने तराशा हुनर

 जयपुर से विशेष रूप से पधारे प्रशिक्षक आनंद जागेटिया और उनकी पत्नी प्रीति जागेटिया ने बच्चों को बहुत ही अनूठे तरीके से प्रशिक्षित किया। उनके साथ टीम में शामिल कल्पना काबरा, अदिति काबरा, राखी मोदी, मधुबाला यादव और स्वयं विवेकानंद शाखा के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल ने बच्चों को कला, संस्कार और व्यक्तित्व विकास की विभिन्न विधाओं की बारीकियां सिखाईं। कार्यक्रम की पल-पल की लाइव सूचना बालकृष्ण पारीक और विभाजी जैन द्वारा दी जा रही है।    
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