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परिषद संकल्प के साथ बढ़ेगी आगे, प्रबुद्धजन राष्ट्र व समाज उत्थान के लिए दें अमूल्य सुझाव: सुरेश जैन

 

भारत विकास परिषद का सम्पर्क संवादआयोजित, नशा मुक्ति और कुटुंब प्रबोधन पर किया मंथन

 

                भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत, भीलवाड़ा द्वारा गुरुवार को चित्तौड़ रोड स्थित एक स्थानीय होटल में शहर के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों के साथ एक विशेष सम्पर्क संवादकार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिषद के गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रचारक सुरेश जैन रहे। उन्होंने उपस्थित प्रबुद्धजनों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए समाज राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। संवाद को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने कहा कि भारत विकास परिषद समाज में एक निष्ठावान संगठन के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों (सेक्टरों) में कार्यरत बंधु हमें अपने अमूल्य सुझाव प्रेषित कर नए कार्यों के लिए प्रेरित करें। समाज की शक्ति को सही दिशा में लगाने का संकल्प लेकर, साहस और एकजुटता के साथ परिषद अपने आदर्शों को आत्मसात करते हुए निरंतर आगे बढ़ेगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए सुझाव प्रेषित किए। विनोद मेलाना ने ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऊर्जा बचत दिवस मनाने तथा चारागाह विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने का सुझाव दिया। डॉ. कल्पना शर्मा ने कचरा प्रबंधन पर ज़ोर देते हुए कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को कचरा मित्र बनाकर इस अभियान में उनका सक्रिय सहयोग लिया जाना चाहिए। डॉ. अपर्णा शर्मा ने वर्तमान समय की मांग के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को और अधिक सुदृढ़ उजागर करने की आवश्यकता पर बल दिया। अशोक बाहेती ने नए सर्वाइवर वायरल संक्रमणों (वायरल बीमारियों) से बचाव हेतु व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाने का सुझाव दिया। चेतन मानसिंहका ने कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों के कारणों को रोकने तथा उनके संबंध-विच्छेद (रोकथाम) के उपायों पर निरंतर जागरूकता फैलाने की बात कही। राजेंद्र कचौलिया ने उच्च शिक्षा में निरंतर घटते अनुशासन पर चिंता व्यक्त की और प्रादेशिक स्तर पर इस विषय पर ध्यान आकर्षित कराया। दिनेश सुथार ने  परिषद की एजेंसियों और शाखाओं के माध्यम से समाज में श्संस्कारों की गोष्ठीश् आयोजित कर समाज उत्थान को प्राथमिकता देने की बात कही। एडवोकेट उम्मेद सिंह राठौड़ महेश नवाल ने बड़े और उच्च स्तरीय कॉलेजों में सनातन संस्कृति के प्रति घटते रुझान और नैतिक बातों का मज़ाक उड़ाने की नकारात्मक प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कॉलेजों में संस्कार मुहिमों को मजबूती से चलाने का आह्वान किया। चंद्रप्रकाश सगतानी ने आधुनिक दौर में परिवारों में बढ़ती दूरियों को पाटने के लिए कुटुंब प्रबोधन पर विशेष ज़ोर दिया। विभा जैन एवं शांतिलाल पानगड़िया ने युवाओं में तेज़ी से बढ़ती नशे की लत के खिलाफ चिंता जताते हुए नशा मुक्ति कार्यक्रमों को पूरी प्रतिबद्धता और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। नवीन जोशी ने बच्चों के पर्यावरण और उनके उचित मार्गदर्शन के लिए विशेष मुहिम चलाने की आवश्यकता जताई। त्रिलोक छाबड़ा ने देश को पूर्ण आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाने पर बल दिया। एसएन मोदानी ने टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि परिषद की शाखाओं के माध्यम से देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (थर्ड लार्जेस्ट इकोनॉमी) बनाने में सक्रिय योगदान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय कोठारी नदी के संरक्षण और इसके जीर्णाेद्धार के संदर्भ में आवश्यक सुधारों की रूपरेखा रखी। क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने बताया कि भारत विकास परिषद वर्तमान में पूरे देश में 1800 शाखाओं और लगभग 3 लाख सदस्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान राज्य सांगठनिक दृष्टि से सात प्रांतों में बंटा हुआ है। इससे पूर्व, प्रांत अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का शाब्दिक स्वागत अभिनंदन किया। बैठक में पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया डॉ. जी.वी. दिवाकर, इंजीनियर अरुण जागेटिया, पवन खेमका, प्रवीण चौधरी सहित शहर के प्रतिष्ठित इंजीनियर, डॉक्टर, एडवोकेट, उद्योगपति, समाजसेवी एवं परिषद के पूर्व दायित्वधारी, गणमान्य जन मौजूद रहे।                                

 

 

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