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नौगांव सांवरिया सेठ का किया भव्य कछुआ अवतार श्रृंगार, 24 को लगेगा गौ माताओं को 56 भोग

 

 

झांकी में समुद्र मंथन के पौराणिक प्रसंग को सजीव रूप में दर्शाया, भक्त दर्शन के लिए बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में ठाकुर जी का बेहद भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस बार प्रभु सांवरिया सेठ को भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार कूर्म (कछुआ)अवतार के रूप में सजाया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि झांकी में समुद्र मंथन के पौराणिक प्रसंग को सजीव रूप में दर्शाया गया है। ठाकुर जी के मुख्य विग्रह को गहरे लाल और सुनहरे बॉर्डर से निर्मित एक विशाल कछुए की पीठ पर विराजमान किया गया है। बैकग्राउंड में नीले जल और सफेद लहरों वाले वस्त्रों के जरिए क्षीर सागर का अद्भुत दृश्य तैयार किया गया है, जबकि प्रभु के शीश पर शेषनाग का दिव्य छत्र सुशोभित है। ठाकुर जी के सम्मुख कृत्रिम गुलाबी कमल के फव्वारे, पीतल का कलश, शंख और विशेष रूप से पीले मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया है। इस अलौकिक रूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में रविवार, 24 मई को पुरुषोत्तम मास के प्रथम ज्येष्ठशुक्ल अष्टमी पर गौमाता को छप्पन भोग लगाकर महाआरती की जाएगी। सचिव कैलाश डाड ने बताया कि इस महोत्सव की सबसे अनूठी विशेषता यह होगी कि 10 पूजनीय गौमाताओं को पूर्ण वस्त्र ओढ़ाकर, आकर्षक झालरों सुंदर आभूषणों से विशेष रूप से सजाया जाएगा और उनके सम्मुख छप्पन प्रकार के सात्विक व्यंजनों का भव्य भोग अर्पित किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन सत्र से ही विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगी, जो सायंकाल तक अनवरत रूप से विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगी। मुख्य आयोजन का समय सायं 4.30 बजे से निर्धारित किया गया है, जहाँ सजधज कर तैयार 10 गौमाताओं के सानिध्य में मुख्य उत्सव का आगाज़ होगा। इस दौरान जहाँ एक तरफ गौमाता के लिए छप्पन भोग की सुंदर झांकी सजेगी, वहीं दूसरी तरफ उत्सव में पधारने वाले सभी सनातन धर्मावलंबियों और भक्तों के लिए विशेष रूप से तैयार महाप्रसाद गुड़ लापसीका वितरण किया जाएगा। सायंकाल को गौमाता की भव्य महाआरती उतारी जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ दीप प्रज्वलित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे और गौमाता का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में गौमाता के लिए तुलादान करने की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालु अपनी मन्नत और सामर्थ्य अनुसार तुलादान कर पुण्य लाभ कमा सकेंगे।        

 

 

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