वस्त्र व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों में मचा हड़कंप, क्या पुलिस इसे अभियान के रूप मे चलायेगी .......???
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। वस्त्रनगरी के नाम से प्रसिद्ध भीलवाड़ा शहर में नकली ब्रांडेड कपड़े बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक फैक्ट्री से मशहूर ब्रांड रेमंड के नाम से तैयार किया जा रहा बड़ी मात्रा में डुप्लीकेट कपड़ा जब्त किया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के वस्त्र व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। मामला शहर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र का शनिवार का है। पुलिस को कंपनी के प्रतिनिधियों ने सूचना दी थी इसके बाद पुलिस ने छापा मार कर डुप्लीकेट कपड़ा बरामद किया। पुलिस जब पहुंची तो यहां कपड़े पर डुप्लीकेट टैगिंग की जा रही थी। सीओ सिटी सज्जन सिंह ने बताया की रेमंड कंपनी के प्रतिनिधि सलीम खान और संदीप पारख ने पुलिस में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि रीको थर्ड फेज में लबाना सूटिंग पर रेमंड ब्रांड के नाम से डुप्लीकेट कपड़ा बनाया जा रहा है। इस पर पुलिस टीम का गठन किया और फैक्ट्री में दबिश दी। इस दौरान मौके पर पुलिस को बड़ी मात्रा में नकली सेलवेज वाला कपड़ा मिला है। इस कपड़े पर अवैध रूप से रेमंड ब्रांड की टैगिंग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में तैयार कपड़ा, पैकिंग सामग्री, ब्रांड के टैग और नकली लेबल भी मिले। इन सभी का उपयोग करके कपड़े को असली ब्रांड जैसा दिखाकर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने मौके से मशीनें, तैयार माल और अन्य सामान जब्त कर लिया है। फिलहाल मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता मौजूद है और कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस अब इस जांच में भी जुटी है कि नकली कपड़ा कहां-कहां सप्लाई किया जाता था। इस फैक्ट्री के अलावा और किन-किन फैक्ट्री में नकली सेलवेज और नकली ब्रांड के कपड़े बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि भीलवाड़ा देश का एक बड़ा टेक्सटाइल हब माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में कपड़ा उद्योग संचालित होते हैं। शहर से देश के कई हिस्सों में कपड़े की आपूर्ति होती है। ऐसे में नकली ब्रांडेड कपड़ा बनने की खबर से उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां पूरे उद्योग की साख को प्रभावित करती हैं और इससे ईमानदार कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए कपड़े और अन्य सामान की कीमत का आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह माल अब तक कहां-कहां सप्लाई किया गया था। यदि इस मामले में और लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि नकली ब्रांड के नाम पर कारोबार करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके और शहर की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की साख बरकरार रखी जा सके। विदित है कि तीन दशक पुर्व भी भीलवाडा में स्थित कपडा फैक्टीयो मे अधिक मुनाफा कमाने के लालच मे कपडा व्यापारियो ने देश कि कई नामी बांडेड कम्पनीयो के कपडो के डुप्लीकेट कपडे तैयार कर, मार्का लगाकर देश की मंडियो मे बेचा जा रहा था। तब बांडेड कम्पनीयो की शिकायत पर भीलवाडा पुलिस ने लगातार अभियान चलाकर फैक्टीयों पर कार्यवाही करते हुए छापे डाले ओर लाखो मीटर नकली कपड़ा जब्त किया। इस कार्यवाही से भीलवाडा की पूरी कपडा मंडी मे भुचाल आ गया था।

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