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भीलवाड़ा शाखा द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम एवं नवीन श्रम संहिताओं पर सेमिनार का आयोजन



डिजिटल सुरक्षा और नए श्रम कानून, बदलते दौर में सीए निभाएंगे बड़ी भूमिका

बदलते कानूनी परिवेश में नवीन प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक सनदी लेखाकार के लिए आवश्यक है: सीए दिनेश सुथार

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) भीलवाड़ा सीए शाखा द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम एवं नवीन श्रम संहिताएं विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्यों ने भाग लेकर विषय विशेषज्ञों के विचारों का लाभ प्राप्त किया। शाखा अध्यक्ष सीए दिनेश सुथार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में डेटा सुरक्षा और श्रम कानून व्यवसायों, उद्योगों तथा पेशेवरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। बदलते कानूनी परिवेश में नवीन प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक सनदी लेखाकार के लिए आवश्यक है। प्रथम सत्र में मंदसौर से आए सीए सिद्धार्थ अग्रवाल ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डेटा संग्रहण एवं उपयोग की वैधानिक प्रक्रिया, सहमति प्रबंधन, डेटा धारकों के अधिकारों तथा संस्थानों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम डिजिटल युग में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के लागू होने से सनदी लेखाकारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर भी विकसित हो रहे हैं। संस्थानों को डेटा सुरक्षा अनुपालन, जोखिम मूल्यांकन, आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा, डेटा प्रबंधन प्रणाली के परीक्षण, अनुपालन प्रमाणन तथा परामर्श सेवाओं की आवश्यकता होगी, जिनमें सीए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। द्वितीय सत्र में जयपुर से आई  क्षेत्रीय परिषद सदस्य सीए रुचि गुप्ता ने नवीन श्रम संहिताओं पर विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने वेतन संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता एवं व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिस्थितियां संहिता के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मौजूद 29 अलग अलग एक्ट को मिलाकर 4 नए कोड बनाए गए है । उन्होंने बताया कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाना है। इस अवसर पर शाखा उपाध्यक्ष सीए एस. एन. लाठी ने बताया कि नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं पेशेवरों के समक्ष अनेक नई अनुपालन संबंधी जिम्मेदारियां आएंगी। ऐसे में सनदी लेखाकारों की भूमिका सलाहकार एवं अनुपालन विशेषज्ञ के रूप में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। शाखा सचिव सीए पुलकित राठी एवं कोषाध्यक्ष सीए अक्षय सोडाणी ने बताया कि शाखा सदैव सदस्यों के ज्ञानवर्धन और व्यावसायिक दक्षता के विकास के लिए समसामयिक विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करती रही है और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी आयोजन जारी रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने दोनों विषयों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रतिभागियों ने संगोष्ठी को उपयोगी, व्यावहारिक एवं ज्ञानवर्धक बताया। अंत में शाखा की ओर से सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर सीए आलोक सोमानी, पुनित मेहता, मधुसूदन शर्मा, राकेश काबरा, मधुकांत भराड़िया, विवेक लुहाड़िया, गौरव मालू सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
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