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भीलवाड़ा के युवा ने नौगांवा सांवरिया सेठ के चरणों में अर्पित की चांदी की आरती थाली

 

 

भक्ति की मिसाल, तेरा तुझको अर्पण के भाव के साथ नाथद्वारा में की सेवा, प्रभु कृपा से व्यापार में मिली सफलता की जताई कृतज्ञता

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) कहते हैं जब ठाकुर जी की कृपा बरसती है, तो इंसान को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता। प्रभु की अद्भुत लीला और भक्त की अगाध श्रद्धा का एक ऐसा ही सुंदर संगम रविवार को देखने को मिला। भीलवाड़ा के आजाद नगर निवासी उमराव सिंह चौधरी के सुपुत्र विपुल जैन ने अपनी व्यावसायिक सफलता को प्रभु का आशीर्वाद मानते हुए एक अनूठी मिसाल पेश की है। विपुल जैन ने नाथद्वारा पहुंचकर सिल्वर (चांदी) का व्यापार शुरू किया था। व्यापार में मिली उन्नति और ठाकुर जी के प्रति अपनी अटूट आस्था के चलते विपुल जैन ने भक्ति भाव से ओत-प्रोत होकर चांदी की भव्य आरती थाली नौगांवा सांवरिया सेठ (ठाकुर जी) को भेंट की। इस दौरान उनके मन में केवल यही विचार था कि तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय प्रभु की कृपा को दिया। भक्त का मानना है कि जब निस्वार्थ भावना से प्रभु के प्रति समर्पण किया जाता है, तो ईश्वर की उदारता स्वतः ही बरसने लगती है। इस धार्मिक कार्य और सेवा भाव की चर्चा भीलवाड़ा और नाथद्वारा दोनों ही स्थानों पर हो रही है। उनके इस कदम को भक्ति और कृतज्ञता के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।    
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