Image 1
Image 2
Image 3
Image 4

कोठारी नदी में आ रहे जहरीले पानी से खेती चौपट, किसान आक्रोशित, दी आंदोलन की चेतावनी

फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त पानी से जमीनें हो रही बंजर, भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री, प्रदूषण विभाग और जिला कलेक्टर को भेजा पत्र

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। जिले के सुवाणा कस्बे के पास बहने वाली कोठारी नदी में शहर की फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे रासायनिक युक्त प्रदूषित पानी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि इस जहरीले पानी के कारण उनकी उपजाऊ जमीनें धीरे-धीरे बंजर होती जा रही हैं और फसल उत्पादन लगातार गिर रहा है।अगरपुरा-भदाली खेड़ा बाईपास स्थित कोठारी नदी के सबसे बड़े एनीकट में यह प्रदूषित पानी मिल रहा है। क्षेत्र के किसानों के अनुसार, क्षेत्र की कई फैक्ट्रियां चोरी-छिपे टैंकरों के जरिए केमिकल युक्त गंदा पानी नदी में छोड़ रही हैं, जिससे नदी का पानी पूरी तरह जहरीला हो गया है। क्षेत्र के किसान नदी के पानी की जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इस प्रदूषण के कारण उनकी जमीनें धीरे-धीरे बंजर होती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी से उनकी उपजाऊ भूमि खराब हो रही है। इस स्थिति को लेकर किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है, जो भविष्य में बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। भारतीय किसान संघ की सुवाणा शाखा के माध्यम से किसानों ने मुख्यमंत्री, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर कोठारी नदी के पानी की तत्काल जांच कराने की मांग की है। भारतीय किसान संघ से जुड़े गोपाल जलानिया, भंवर जलानिया, उदय लाल तेली, भंवर कीर, नंद लाल गुर्जर और जमना लाल जाट ने बताया कि मांडल क्षेत्र में स्थित कई फैक्ट्रियां चोरी-छिपे टैंकरों के माध्यम से गंदा और रासायनिक युक्त पानी कोठारी नदी में छोड़ रही हैं। इससे नदी का पानी जहरीला हो गया है। इस प्रदूषण का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी के जलीय जीवन पर भी पड़ा है। मछलियों और अन्य जीवों का प्रजनन लगभग रुक गया है। पहले नदी के पेटे में बड़े पैमाने पर तरबूज, खरबूज सहित मौसमी सब्जियों और फलों की खेती होती थी, जो अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। नदी के आसपास के खेत खराब हो गए हैं और फसलों का उत्पादन लगातार घट रहा और ग्रामीणों में बीमारियां फैलने लगी हैं। इससे क्षेत्र में चिंता और नाराजगी का माहौल है।