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कॉटन कस्तूरी से ग्लोबल पहचान की ओर बढ़ेगा भीलवाड़ा : मुख्य सचिव वी श्रीनिवास

मुख्य सचिव रहे भीलवाड़ा जिले के एक दिवसीय दौरे पर, नितिन स्पिनर्स का किया अवलोकन

 

 

उद्यमियों एवं निवेशकों के संवाद कार्यक्रम में लिया भाग, वस्त्र उद्योग के विकास की संभावनाओं पर की विस्तृत चर्चा

 

  भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि भीलवाड़ा ने वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि जहां वर्षों पूर्व जिले में लगभग 60 हजार स्प्रिंडल संचालित होते थे, वहीं वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 15 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में यह क्षमता 50 लाख स्प्रिंडल तक पहुंचेगी। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने "कॉटन कस्तूरी" विषय पर आयोजित उद्यमियों एवं निवेशकों के संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए वस्त्र उद्योग के विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में रूपाहेली टेक्सटाइल पार्क का विकास किया जाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई टेक्सटाइल पॉलिसी भी उद्योगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्य सचिव ने नितिन स्पिनर्स लिमिटेड का निरीक्षण कर स्पिनिंग मिल की उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की पूरी उत्पादन श्रृंखला की जानकारी ली तथा अत्याधुनिक मशीनरी, स्वचालित प्रक्रियाओं एवं गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भीलवाड़ा क्षेत्र में लगभग 30 हजार हेक्टेयर में कपास उत्पादन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि "कस्तूरी कॉटन" विषय पर भविष्य में एक ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाए, जिससे उद्यमियों को नई संभावनाओं से अवगत कराया जा सके। मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि भीलवाड़ा वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। नितिन स्पिनर्स जैसी इकाइयां केवल स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रही हैं। उन्होंने उद्योग में नवाचार, ऊर्जा दक्षता एवं निर्यात क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास "मेक इन इंडिया" एवं "आत्मनिर्भर भारत" जैसे अभियानों को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन उद्योग विभाग को कहा कि समस्त उद्योग इकाईयां गुणवत्ता, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण के मानकों को बनाए रखते हुए उत्पादन क्षमता में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करें तथा वे श्रमिकों के हितों, सुरक्षा एवं कल्याण का विशेष ध्यान रखें। इस अवसर पर विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों में उद्योगों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने बताया कि राज्य सरकार एवं मुख्य सचिव के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा उद्योगों के लिए लागू नीतियों एवं योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य विभाग पीएन शर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव, नितिन स्पिनर्स लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक दिनेश नौलखा नितिन नौलखा, स्वास्तिक ग्रुप के चेयरमेन एवं पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, आरसीएम ग्रुप के तिलोक छाबडा, लग्नम स्पिनटेक्स के डीपी मंगल, सुदिवा स्पिनर्स के वरुण लढ्ढ़ा, बीएसएल के प्रवीण जैन, बाबा स्पिनर्स के दीपक अग्रवाल, मनोमय के योगेश लढ्ढ़ा, वीविंग उद्योगों से शांतिलाल पानगड़िया, प्रोसेसिंग उद्योगों की ओर से सचिन राठी, मोहित भीमसरिया, अनिल गर्ग सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि एवं कंपनी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी कार्मिक, कस्तूरी कॉटन से संबंधित कृषक उपस्थित रहे।