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संस्कृति से जुड़ने का संदेश दे गया भाविप नेताजी सुभाष शाखा का सावन महोत्सव

 

 


 

महोत्सव में महिलाओं ने बिखेरे लोक रंग, लोकगीत, पारंपरिक कहानियों और मिसेज सावनप्रतियोगिता ने मोहा मन

 

       भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) सावन की हरियाली, लोक संस्कृति की मधुर स्वर लहरियां और पारंपरिक उल्लास से सराबोर वातावरण के बीच भारत विकास परिषद नेताजी सुभाष शाखा ने वरिष्ठ नागरिक भवन में भव्य सावन महोत्सव का आयोजन किया। 80 से अधिक महिलाओं की सहभागिता वाले इस महोत्सव ने नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और लोक परंपराओं से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम में सामूहिक नृत्य, लोकगीत-भजन, पारंपरिक कहानी तथा बहुप्रतीक्षित मिसेज सावन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। निर्णायक की भूमिका मधु काबरा एवं ममता भंडारी ने निभाई। महोत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर सावन की रंगत बिखेरी। लोकगीत एवं भजन प्रतियोगिता में 16 प्रतिभागियों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में संगीता काबरा प्रथम, चंचल बांगड़ द्वितीय तथा प्रेम देवी आगाल तृतीय स्थान पर रहीं। पारंपरिक कहानी प्रतियोगिता में 10 प्रतिभागियों ने लोक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ी प्रेरक कथाएं सुनाकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इसमें आशा लड्डा ने प्रथम, स्नेहलता तोषनीवाल ने द्वितीय तथा उमा सोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक आयोजन रही मिसेज सावनप्रतियोगिता, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यक्तित्व, पारंपरिक सौंदर्य और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रेखा लढा विजेता बनीं, जबकि शीतल मूंदड़ा द्वितीय और प्रेम देवी आगाल तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को परिषद की ओर से आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव में मध्य प्रांत की महिला संयोजिका शारदा चेचानी, शिवाजी शाखा की महिला संयोजिका वर्षा मित्तल तथा मीरा शाखा की स्नेहलता तोषनीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में 80 से अधिक महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन सुनीता नराणीवाल एवं करुणा लोहिया ने किया तथा अंत में उषा सोमानी ने ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।    

 

 




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