नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन, रोलबैक की मांग, नहीं माने तो जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन-2026 को लेकर सवर्ण समाज संघर्ष समिति ने बुधवार को विरोध का बिगुल बजा दिया। समिति के बैनर तले पदाधिकारियों और युवाओं ने दोपहर को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर नए नियमों पर आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों ने नियमों को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की। समिति ने नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि नए नियम न्याय और समानता के नाम पर सामान्य एवं अन्य वर्गों के विद्यार्थियों में असुरक्षा और भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की भाषा और रूपरेखा अस्पष्ट है, जिससे इनके दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। ज्ञापन में कहा गया कि इन प्रावधानों के तहत निर्दाेष छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध किसी दंडात्मक कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इससे शिक्षण संस्थानों में पारस्परिक भाईचारा प्रभावित होगा और जातीय तनाव बढ़ने की संभावना रहेगी। राठौड़ ने कहा कि इक्विटी कमेटियों और जांच प्रक्रिया में दोनों पक्षों को निष्पक्ष सुनवाई की ठोस गारंटी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संशोधन या रोलबैक नहीं करती है, तो सवर्ण समाज प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा। प्रदर्शन में भानुप्रताप सिंह देवली, नरेंद्र सिंह सुपारिया खेड़ा, अक्षयदीप सिंह, जयवर्धन सिंह, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में युवा एवं समाजजन उपस्थित रहे।




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