क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में आयोजित हुई वीबी-जी रामजी योजना की समीक्षा बैठक
केंद्रीय दल ने ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर दिया जोर
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना के तहत भारत सरकार के केंद्रीय दल ने शुक्रवार को जिले में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जनहित एवं विकासोन्मुखी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक एमके उज्जैनिया की अध्यक्षता में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने बताया कि जिले के सभी 14 विकास खंडों में विभिन्न विभागों के 831 विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में भीलवाड़ा प्रदेश में तीसरे स्थान पर है तथा वर्तमान में 55 हजार से अधिक श्रमिक विभिन्न विकास कार्यों में लगे हुए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक एम के उज्जैनिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कृषि, सड़क, चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, वन, शिक्षा तथा खेल विभाग से जुड़े संभावित विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया। उन्होंने जिले में विकसित मॉडल तालाब एवं कैटल शेड की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहित और विकासोन्मुखी कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया जाए। साथ ही निर्देश दिए कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले का कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में समयबद्ध तरीके से कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में केंद्रीय दल के सदस्य डिप्टी सेक्रेटरी प्रभात कुमार, अंडर सेक्रेटरी घनश्याम मीणा, जिला परिषद के एसीईओ मधुसूदन रत्नू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। तथा अधिकारियों ने योजना के प्रभावी संचालन एवं ग्रामीण विकास को गति देने के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए।


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