पीतांबरी बागा से घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं पारिवारिक शांति का वास होता : सुरेश पोद्दार
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) बसंत पंचमी के पावन एवं शुभ अवसर पर श्री श्याम मंदिर, काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं प्रसाद वितरण का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही। बाबा श्री श्याम के जयकारों, भजनों एवं मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा श्री श्याम के विधिवत अभिषेक से हुई, जिसके पश्चात बाबा का आकर्षक एवं भव्य श्रृंगार कर उन्हें बसंत पंचमी के विशेष पर्व पर पीतांबरी बागा धारण कराई गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप पीतांबरी (बागा) का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने अत्यंत श्रद्धा, विश्वास एवं आस्था के साथ ग्रहण किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर बाबा श्री श्याम का अभिषेक एवं श्रृंगार मंदिर के मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला एवं पंडित रवि द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। अभिषेक के पश्चात प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला। पीतांबरी बागा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री श्याम सेवा समिति काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने बताया कि बाबा श्याम की पीतांबरी को भक्त अपने घरों के पूजा स्थल, तिजोरी अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में श्रद्धा से स्थापित करते हैं। मान्यता है कि इसे मंगल कार्यों, नई शुरुआत एवं विशेष अवसरों पर धारण करने से घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं पारिवारिक शांति का वास होता है। मंदिर के मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला ने धार्मिक मान्यताओं की जानकारी देते हुए बताया कि खाटू श्याम का पीतांबरी बागा केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि बाबा की कृपा, शक्ति एवं आशीर्वाद का सजीव प्रतीक माना जाता है। विशेष तिथियों, विशेषकर बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा को धारण कराई जाने वाली यह पीली बागा शास्त्रों में पवित्रता, ज्ञान, वैभव एवं समृद्धि का प्रतीक मानी गई है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि बागा का छोटा सा अंश भी यदि श्रद्धा से घर, तिजोरी, पूजा स्थल या व्यापारिक प्रतिष्ठान में रखा जाए, तो वहां धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती। इससे संतान सुख, विवाह, व्यापार, नौकरी में उन्नति, सुख-शांति की प्राप्ति होती है तथा नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था, अभिषेक, प्रसाद वितरण एवं अनुशासन बनाए रखने हेतु विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाएं श्री श्याम सेवा समिति काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा द्वारा की गईं। समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।


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