शटतिला एकादशी एवं मकर संक्रांति पर सुबह से लगी रही भक्तों की कतारें, भक्ति में डूबा काशीपुरी धाम
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) शटतिला एकादशी एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्री श्याम मंदिर काशीपुरी धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कड़ाके की सर्दी के बावजूद सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का लगातार आगमन बना रहा। मंदिर परिसर में हर ओर "जय श्री श्याम" के गूंजते जयकारों के बीच भक्त भाव-विभोर नजर आए। पर्व के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। बाबा श्याम का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर की पूजा-अर्चना पुजारी रूपेंद्र शुक्ला एवं रवि पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिविधान से संपन्न कराई गई। शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ हुए पूजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर अध्यक्ष सुरेश पौधार ने बताया कि शटतिला एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन तिल से जुड़े छह पुण्यकर्मकृ तिल स्नान, तिल उबटन, तिल हवन, तिल दान, तिल भोजन एवं तिल सेवन करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वहीं मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से पुण्यकाल का आरंभ होता है, जिसमें किया गया दान कई गुना फलदायी माना गया है। उन्होंने बताया कि इस पावन संयोग पर बाबा श्याम के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं ने तिल, गुड़, अन्न व वस्त्र का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कई भक्त बाबा के चरणों में नतमस्तक होकर भावुक दिखाई दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने कतारबद्ध दर्शन कराए, जिससे सभी भक्तों ने शांतिपूर्ण रूप से दर्शन लाभ लिया।


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