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रामधाम में नवचंडी महायज्ञ शुरू, गौ सेवा के लिए मिली आधुनिक कुट्टी मशीन

दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती की अध्यात्म रामायण कथा में उमड़े श्रद्धालु

 

 

 

अग्रवाल परिवार ने स्व. रामगोपाल अग्रवाल (अजंता ट्रांसपोर्ट) की स्मृति में भेंट की मशीन

 

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट द्वारा विरक्त आश्रम में आयोजित आध्यात्मिक महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को पहली बार नवग्रह पूजा एवं नवचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसी अवसर पर गौ-सेवा को समर्पित एक आधुनिक कुट्टी मशीन का भी लोकार्पण किया गया। परम पूज्य दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती के सानिध्य में चल रही अध्यात्म रामायण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म और अध्यात्म का लाभ ले रहे हैं। कथा के दौरान दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने कहा कि जीवन में श्रवण, मनन और निदिध्यासन तीन ऐसे सूत्र हैं, जिनसे व्यक्ति आत्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि कथा रूपी अमृत ही संसार के विष से मुक्ति का मार्ग है और साधु-संतों की संगति मोक्ष प्राप्ति का श्रेष्ठ साधन है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा को केवल सुनने तक सीमित रखकर उसे जीवन में उतारने का आह्वान किया। आश्रम परिसर में भगवान राम रामेश्वर जी की प्रतिमा के समक्ष विद्वान आचार्यों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नवग्रह पूजा, नवचंडी महायज्ञ, हवन एवं सहस्त्रनामावली अर्चना का शुभारंभ हुआ। प्रतिदिन सुबह 10 से 11 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञशाला की पवित्रता बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं के लिए धोती पहनकर ही आहुति देने का नियम निर्धारित किया गया है। आश्रम प्रबंधन ने समाज से गौ-संरक्षण एवं धार्मिक आयोजनों में अधिकाधिक सहभागिता की अपील की।

गौ-सेवा के लिए अग्रवाल परिवार ने भेंट की आधुनिक मशीन

         गौशाला में हरे चारे की बेहतर व्यवस्था के लिए स्वर्गीय रामगोपाल अग्रवाल (अजंता ट्रांसपोर्ट) की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी प्रेमलता अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, योगेश अग्रवाल एवं समस्त अग्रवाल परिवार ने आधुनिक कुट्टी मशीन भेंट की। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूज्य संतों ने मशीन का लोकार्पण कर शुभारंभ किया। संतों ने इसे गौ-सेवा की प्रेरणादायी पहल बताते हुए अग्रवाल परिवार की सराहना की।

संतों और समाज के प्रबुद्धजन रहे मौजूद

          इस अवसर पर स्वामी चौतन्यानंद मार्कंडेय ओंकारेश्वर, संत दया चौतन्य सहित अनेक संत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। साथ ही राजकुमार अग्रवाल, तुषार अग्रवाल, ललित हेड़ा, राधेश्याम अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, हेमंत मानसिंहका, नवरतन पारीक, शांतिलाल पोरवाल, सत्यनारायण ईनाणी, कृष्ण गोपाल कचोलिया, गोविंद लढा, इंदुबाई और वीणा मानसिंहका सहित कई गणमान्य नागरिकों ने कथा में भाग लेकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।          


 
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