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भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना से मिल रहा युवा उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर: महाप्रबंधक

डॉ. अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना से साकार हुआ आत्मनिर्भरता का सपना, चालक से बने टैक्सी व्यवसायी

    


8.60 लाख की परियोजना स्वीकृत, बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान का मिला लाभ; स्वरोजगार से बढ़ेगी आय और रोजगार के अवसर

 

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना जिले में युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, भीलवाड़ा द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए पात्र युवाओं को वित्तीय सहायता एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में योजना के तहत लाभार्थी दिनेश मेघवंशी को वाणिज्यिक वाहन (स्विफ्ट डिजायर टैक्सी परमिट) क्रय करने के लिए 8.60 लाख लागत की परियोजना स्वीकृत की गई। परियोजना के वित्तपोषण के लिए बैंक द्वारा 7.35 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया है। साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी को 2.15 लाख की मार्जिन मनी अनुदान राशि तथा 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। योजना के प्रावधानों के अनुसार 25 लाख तक की परियोजनाओं पर 9 प्रतिशत, 5 करोड़ तक 7 प्रतिशत तथा 10 करोड़ तक 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। इस प्रावधान के तहत श्री दिनेश मेघवंशी को 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्राप्त होगा, जिससे उनके ऊपर वित्तीय भार कम होगा तथा व्यवसाय के सफल संचालन में सहायता मिलेगी।

चालक से बने वाहन स्वामी, योजना ने दिया नया आत्मविश्वास

  दिनेश मेघवंशी पहले दूसरे व्यक्ति की टैक्सी चलाकर सीमित आय अर्जित करते थे। आर्थिक संसाधनों के अभाव में स्वयं का वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के मार्गदर्शन और योजना से मिली आर्थिक सहायता के बाद अब वे अपने स्वयं के व्यावसायिक वाहन का संचालन कर रहे हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। दिनेश मेघवंशी ने राज्य सरकार एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर आर्थिक सहयोग नहीं मिलता तो स्वयं का व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं हो पाता। अब वे अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

पात्र युवा उठाएं योजना का लाभ

 जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक कमलेश कुमार मीना ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने पात्र युवाओं से योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, बैंक समन्वय, मार्जिन मनी तथा ब्याज अनुदान उपलब्ध कराने सहित हर स्तर पर आवेदकों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। योजना के माध्यम से जिले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन को भी गति मिल रही है।

 

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