Image 1
Image 2
Image 3
Image 4

रसधारा संस्थान द्वारा आयोजित संगीतमय प्रार्थना सभा में गूंजा बापू का संदेश

 

महात्मा गांधी के आदर्श अपनाकर ही सशक्त समाज का निर्माण संभव : विधायक कोठारी

 

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) महात्मा गांधी के आदर्श जीवन, सत्य, अहिंसा और सकारात्मक चिंतन को प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आत्मसात करे, तभी एक सशक्त, संवेदनशील और समरस समाज का निर्माण संभव है। यह विचार भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने टाउन हॉल में रसधारा संस्थान द्वारा आयोजित संगीतमय प्रार्थना सभा में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रार्थना और संगीत मानव मन को शांति, सहनशीलता और करुणा से भरते हैं। प्रार्थना सभा के संयोजक लक्ष्मीनारायण डाड ने कहा कि आज समाज का पारस्परिक व्यवहार संवाद का नहीं बल्कि विवाद का हो चुका है। इसे बदलने के लिए आत्मचिंतन और प्रार्थना बोध की आवश्यकता है। प्रार्थना सभा की शुरुआत श्रीमती शारदा सोलंकी द्वारा रामधुन से हुई, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया। इसके बाद मीना, दिव्या एवं चारुल भट्ट ने "तेरी पनाह में हमें रखना, सीखे हम नेक राह पर चलना" की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। हेमांग सोलंकी ने "हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के" गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झकझोर दिया। गौरीशंकर ने "इंसान का इंसान से हो भाईचारा" गीत इस अंदाज में प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार झूम उठा। उद्योगपति एवं समाजसेवी रसधारा के अध्यक्ष तिलोक छाबड़ा ने स्वयं की रचना "आजादी का मतलब बंदे जान सके तो जान" गाकर सभी को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। चारुल भट्ट, नामिका तिस्या एवं हेमांग सोलंकी ने मिलकर "सुन ले बापू यह पैगाम, मेरी चिट्ठी तेरे नाम" की मनमोहक प्रस्तुति दी। मुरलीधर व्यास द्वारा मेवाड़ की शौर्यगाथा पर आधारित "कदे झुक्यो नी सबल सुरंगों, धीर वीर मेवाड़ रे" गीत से सभागार देशभक्ति से गूंज उठा। प्रसिद्ध गायक पंकज जैन ने " दुनिया के रखवाले, सुन दर्द भरे मेरे नाले" तथा गौरीशंकर, कैलाश जीनगर एवं हेमांग सोलंकी ने "जलते हुए तन को मिल जाए तरुवर की छाया" गीत से वातावरण में कृतज्ञता का जागरण किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में "अज्ञान के अंधेरों से हमें ज्ञान के उजालों की ओर ले चलो" की सामूहिक प्रार्थना ने सभा को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की, जिसे हेमांग सोलंकी के साथ सभी कलाकारों ने गाया। रसधारा संस्थान के संस्थापक गोपाल आचार्य एवं आयोजन प्रबंधक बाबूलाल जाजू ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक अशोक कोठारी, पूर्व न्यास अध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी, उपसभापति रामलाल योगी, प्रकाश छाबड़ा, पूर्व सभापति ओम नराणीवाल, सीए दिलीप गोयल सहित गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। अंत में रसधारा संस्थान के अध्यक्ष तिलोक चंद छाबड़ा ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया।