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सिन्धी उतराण मेला में पतंगों की डोर में बंधा भाईचारा, इनामों की बारिश में झूमा समाज


सिन्धी उतराण मेले ने सांवरिया रिसोर्ट को बना दिया उत्सव स्थल

मेले में प्रवेश पुरस्कार, बंपर पुरस्कार, खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्नेहभोज की भव्य व्यवस्था 


 
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल
)  मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सिन्धुपति युवा सेवा संस्कार समिति (रजि.) एवं सिन्धुपति महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित दसवां भव्य सिन्धी उतराण मेला इस बार भी यादगार बन गया। सांवरिया रिसोर्ट में आयोजित इस मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे सिन्धी समाज के लोगों ने परंपरा, संस्कृति और उल्लास का ऐसा संगम देखा, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। समिति अध्यक्ष दीपू सभनाणी ने बताया कि यह मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को संजोने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसी भावना के साथ मेले में प्रवेश पुरस्कार, बंपर पुरस्कार, खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्नेहभोज की भव्य व्यवस्था की गई। मेले का शुभारंभ श्री गोविंद धाम दरबार के संत श्री किशनलाल जी महाराज, पूज्य दादा साहिब झूलेलाल मंदिर के दादा साहिब भगत श्री टेऊँरामजी, मां इच्छापूर्णी दुर्गा मंदिर की माताश्री पारो बहन तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष रमेश चंद्र सभनाणी के करकमलों द्वारा भगवान श्री झूलेलाल साईं की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात संतजनों व समाजसेवियों ने गेंद से सितोलिया फोड़कर खेलकूद प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ किया। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए कुछ न कुछ खास था। सितोलिया फोड़, चेयर रेस, पतंगबाजी, रस्साकशी, फिर-फिर सांटो, दौड़, सवाल-जवाब, डांडिया, डांस और पारंपरिक सिंधी छैज जैसी प्रतियोगिताओं में समाजजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हर प्रतियोगिता में उत्साह देखते ही बनता था। विजेता रहे प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, वहीं जीत की खुशी में कई प्रतिभागी नाचते-गाते नजर आए। मेले की एक खास बात यह रही कि समाजसेवियों की ओर से सिंधी राब, चाय, पतंग और सादा मांझा की निशुल्क व्यवस्था की गई, जिससे मेले की रौनक और बढ़ गई। दोपहर में आयोजित स्नेहभोज में सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी अपनत्व और भाईचारे की भावना और प्रगाढ़ हुई। शाम होते-होते सभी की निगाहें बंपर पुरस्कारों पर टिक गईं। समाजसेवियों द्वारा अपनी ओर से LED टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, ड्रेसिंग टेबल, कूलर, गीजर, मिक्सर, कंबल, प्रेस, साइकिल, होम थिएटर, स्मार्ट वॉच, नेकबैंड, जूसर जैसे आकर्षक बंपर पुरस्कार रखे गए थे। प्रवेश पत्र नंबर के आधार पर जैसे ही विजेताओं की घोषणा हुई, पूरा पंडाल तालियों और खुशी की आवाजों से गूंज उठा। मंच संचालन एवं प्रतियोगिताओं का कुशल संचालन राहुल जेठानी और दीपू सभनाणी ने किया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को रोचक और अनुशासित बनाए रखा। कार्यक्रम के अंत में पल्लव अरदास कर समस्त संसार के कल्याण की कामना की गई तथा सभी समाज जनों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। मेले के सफल आयोजन में फतनदास लालवानी, कैलाश कृपलानी, परमानंद नेनानी, जितेंद्र दरियानी, कमल रामवानी, राजकुमार दरियानी, विनोद झुर्रानी, प्रकाश झुर्रानी, गोरधनदास जेठानी, प्रकाश कोरानी, दीपक खुबवानी, विजय लखवानी, प्रेम मोतियानी, सुरेश पेशवानी, प्रदीप सावलानी, प्रकाश मोटवानी, भगवान सामतानी, दिलीप रामनानी, गिरीश कृपलानी, सन्नी खोतानी सहित अनेक समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कुल मिलाकर, सिन्धी उतराण मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने पूरे भीलवाड़ा अंचल में अपनी अलग छाप छोड़ी।