गंगा माता मंदिर मार्ग पर शेड, पवित्र कुंड की सुरक्षा और परिसर सौंदर्यीकरण पर रहेगा विशेष फोकस
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। जिले के प्रसिद्ध आस्था केंद्र तिलस्वां महादेव धाम में आगामी सावन मास को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए विकास कार्यों की नई सौगात देने का निर्णय लिया है। मंदिर ट्रस्ट के सचिव मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि सावन में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं की आमद को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट द्वारा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में आवश्यक निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे, ताकि भक्तों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। मंदिर ट्रस्ट द्वारा निर्णय लिया गया कि गंगा माता मंदिर मार्ग पर पुलिया के ऊपर डोम (शेड) का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बरसात और तेज धूप के दौरान श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। इसके साथ ही मंदिर परिसर स्थित पवित्र कुंड के चारों ओर सुरक्षा रेलिंग एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पूजा-अर्चना कर सकें। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन लगातार विकास कार्य करा रहा है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया की मंदिर परिसर की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था, आवागमन को सुगम बनाने के लिए मार्गों की मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से सावन मास के दौरान मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने तथा धार्मिक गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित विकास कार्य पूरे होने के बाद तिलस्वां महादेव धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनकी धार्मिक यात्रा अधिक सुखद एवं सुरक्षित बनेगी।
आस्था का प्रमुख केंद्र है प्राचीन कुंड
मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन कुंड श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि यहां स्नान और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
पाराशर परिवार निभा रहा सेवा-पूजा की परंपरा
तिलस्वां महादेव मंदिर की नियमित सेवा-पूजा वर्षों से पाराशर परिवार द्वारा की जा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और धार्मिक महत्व के कारण यह प्राचीन शिव धाम आज भी लाखों शिव भक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि इस वर्ष सावन मास में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहेगी और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएंगी।


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