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माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी: क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी

भाविप महाराणा प्रताप शाखा द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बाल संस्कार शिविर का प्रेरणादायी समापन

 

 हवन, भारत माता की आरती, राष्ट्रभक्ति गीतों और पुरस्कार वितरण के साथ बच्चों ने लिया संस्कारों को जीवन में अपनाने का संकल्प

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद, महाराणा प्रताप शाखा द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बाल संस्कार शिविर का शनिवार को हर्षाेल्लास एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में समापन हुआ। संस्कार की ज्योति जली है, अब इसे बुझने मत देना, जो सीखा शिविर में यहां, उसे जीवन में अपनाना के संकल्प के साथ अंतिम दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। समापन अवसर पर सर्वप्रथम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन आयोजित किया गया, जिसमें शिविरार्थी बच्चों एवं परिषद सदस्यों ने आहुतियां देकर राष्ट्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद 16 दीपों से भारत माता की भव्य आरती की गई, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया। शिविर के दौरान बच्चों ने पिछले चार दिनों में सीखे राष्ट्रभक्ति गीत, श्लोक, महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग तथा संस्कारपरक प्रस्तुतियां अभिभावकों एवं अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। बच्चों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति की सभी ने सराहना की। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी एवं शहर समन्वयक रजनीकांत आचार्य ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें संस्कारयुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी। रजनीकांत आचार्य ने परिषद के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा जल संरक्षण का संदेश दिया। वहीं संदीप बाल्दी ने बच्चों से माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, प्रतिदिन उनके चरण स्पर्श करने और प्रत्येक कार्य पूरे मनोयोग से करने का आह्वान किया। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से बताया कि जो व्यक्ति समर्पण भाव से कार्य करता है, उसकी सहायता स्वयं ईश्वर भी करते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक बालक द्वारा नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि प्रार्थना के सस्वर पाठ ने सभी का मन मोह लिया। उसकी उत्कृष्ट प्रस्तुति पर अतिथियों ने उसे विशेष रूप से सम्मानित किया। श्रीमती मधुबाला यादव ने रामायण आधारित प्रश्नोत्तरी आयोजित की, जिसमें सही उत्तर देने वाले बच्चों के साथ खेल एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। शिविर को सफल बनाने में संस्कार संयोजक सीए मुकेश नवाल, संस्कार शिविर प्रभारी श्रीमती मोहिनी अग्रवाल, शाखा अध्यक्ष श्रीमती उमा मिश्रा, सचिव सतीश बोहरा, कोषाध्यक्ष हरिप्रसाद राठी एवं महिला संयोजिका श्रीमती निशा सैकड़ा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगेश आचार्य का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। शिविर की सफलता में कश्मीर भट्ट एवं श्रीमती मधुबाला यादव के विशेष सहयोग की अतिथियों ने सराहना की। अंत में राष्ट्रगान के साथ सभी बच्चों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें, कॉपियां, अल्पाहार एवं स्मृति-उपहार वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रेम नारायण मिश्रा, शैलेंद्र मेहता, किशोर गौतम, दलपत राठौड़, शिव दयाल अरोड़ा, अनुराग अग्रवाल, महेश मेहता, विजय भारती कपूर, मीना मेहता, साधना गौतम, निर्मला नवाल, रेखा राठौड़, रंजना शर्मा, वर्षा कपूर, आशा बोहरा, कृष्णा अग्रवाल सहित शाखा के कई सदस्य एवं अभिभावक उपस्थित रहे।                                   

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