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वेतन के लिए 'डिजिटल' जंग: भीलवाड़ा एमजी अस्पताल के 200 से अधिक कर्मियों ने 181 पर दर्ज कराई सामूहिक शिकायत

वेतन के लिए 'डिजिटल' जंग: भीलवाड़ा एमजी अस्पताल के 200 से अधिक कर्मियों ने 181 पर दर्ज कराई सामूहिक शिकायत

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) महात्मा गांधी चिकित्सालय में पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने से नाराज नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने अब आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। सोमवार को राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विरोध का नया तरीका अपनाते हुए राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का घेराव किया और एक साथ 200 से अधिक शिकायतें दर्ज कराकर सरकार तक अपनी गूंज पहुंचाई। एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक फरीद मोहम्मद रंगरेज ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा वेतन को लेकर लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारियों ने अब मुख्यमंत्री स्तर तक अपनी बात पहुंचाने का निर्णय लिया है। सोमवार को एक साथ सैकड़ों कर्मचारियों ने 181 पर कॉल कर अपनी व्यथा सुनाई, जिससे चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल, राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महात्मा गांधी चिकित्सालय में कार्यरत नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य विभागों के कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस गंभीर समस्या को लेकर कर्मचारी संगठन लंबे समय से संघर्षरत हैं। वेतन के अभाव में कर्मचारियों के सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। राशन, दूध, सब्जी और बैंक की किस्तों के भुगतान के लिए कर्मियों को भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। हाल ही में एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक फरीद मोहम्मद रंगरेज और शहर अध्यक्ष लाल सिंह राठौड़ ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ को ज्ञापन सौंपकर इसे श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन बताया था। इस अभियान के दौरान सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सुनील पोरवाल, सिराज खान, राजेश जोशी, रेहान अंसारी, हितेश लखारा, रामजस चौधरी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा कर्मी मौजूद रहे। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि 181 पर शिकायत और प्रशासनिक वार्ताओं के बाद भी वेतन जारी नहीं होता है, तो कर्मचारी अब सीधे कानूनी रास्ता अख्तियार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी दिनों में कोई बड़ा आंदोलन या कार्य बहिष्कार होता है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।