जिला कलेक्टर भीलवाड़ा डेयरी के प्रशासक ने ली बैठक, समीक्षा बैठक में दिए कई अहम निर्देश, किया प्लांट का भ्रमण

 

 भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) जिले में पशुपालकों को योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से देने के लिए अब डिजिटलीकरण पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, सरकारी कार्यालयों में सरस डेयरी बूथ और पार्लर स्थापित किए जाएंगे, जिससे आमजन को सेवाएं आसान और त्वरित रूप से मिल सकें। यह निर्देश भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (भीलवाड़ा डेयरी) के प्रशासक एवं जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने बैठक के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। इससे पुर्व जिला कलेक्टर भीलवाड़ा डेयरी के प्रशासक तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक एवं प्लांट भ्रमण का आयोजन किया गया। बैठक में भीलवाड़ा डेयरी की ओर से संचालित विभिन्न प्रोजेक्ट्स और कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने डेयरी की ओर से संचालित नवनिर्मित पशु आहार संयंत्र खारी का लाम्बा के उद्घाटन, संचालन और उत्पादन की स्थिति पर चर्चा की। साथ ही 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले बायो-मिथेनेशन संयंत्र के निर्माण कार्य और संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस संयंत्र के निर्माण के बाद शेष बची भूमि का उपयोग आगामी नई योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने के लिए किया जाए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गुणवत्ता नियंत्रण कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को हर समय उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल सकें। जल संरक्षण और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बैठक में भीलवाड़ा डेयरी प्लांट से निकलने वाले पानी (अपशिष्ट जल) के उचित उपयोग को लेकर चर्चा की गई और अधिकारियों से सुझाव मांगे गए। बैठक में भीलवाड़ा डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार सहित डेयरी के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।        

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