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मित्रता एक ऐसा पावन रिश्ता है जो सभी संबंधों की कमी को पूरा कर देता : गोवत्स राधा कृष्ण महाराज






सुदामा चरित्र की कथा के साथ भागवत समरसता महोत्सव का समापन, ’हनुमान और सुदामा संग सांवरिया के दर्शन ने  मोह लिया मन

  भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान एवं श्री सांवरिया सेठ मन्दिर ट्रस्ट नौगांवा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भागवत समरसता महोत्सव का गुरुवार को सुदामा चरित्र की कथा के साथ भव्य समापन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में माधव गौशाला परिसर में आयोजित इस कथा के अंतिम दिन जोधपुर के गोवत्स राधाकृष्ण महाराज ने सेवा के मर्म को समझाते हुए कहा कि सेवा समय, धन या बल से नहीं की जा सकती, सेवा वही कर सकता है जिसके स्वभाव में सेवा हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी रहनी (आचरण) का बहुत ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि लोभ में पड़ते ही व्यक्ति का तेज खत्म हो जाता है। भागवत कथा के दौरान सुदामा चरित्र के प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन करते हुए महाराज ने मित्रता की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मित्रता एक ऐसा पावन रिश्ता है जो जीवन के अन्य सभी संबंधों की कमी को पूरा कर देता है। यदि जीवन में एक भी सच्चा मित्र साथ हो, तो व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी स्वयं को अकेला या अभावग्रस्त महसूस नहीं करता। मित्र की उपस्थिति न केवल मानसिक बल देती है, बल्कि व्यक्ति के भीतर सुरक्षा की गहरी भावना भी पैदा करती है। महाराज ने सुदामा और भगवान श्री कृष्ण के अटूट प्रेम का उदाहरण देते हुए बताया कि गुरुकुल में साथ पढ़े इन दोनों मित्रों के बीच गजब की आत्मीयता थी। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि हमें भी आपस में मित्र और बंधु भाव रखना चाहिए। उन्होंने चेताया कि वस्तुओं का अनावश्यक संग्रह केवल विवाद का कारण बनता है; अतः जो भी प्राप्त हो, उसका सदुपयोग करना ही श्रेष्ठ है। महाराज के अनुसार, मित्रता के भाव में ही जीवन की असली सुरक्षा और शांति निहित है, क्योंकि जहाँ सच्चा मित्र होता है, वहाँ डर या असुरक्षा के लिए कोई स्थान नहीं बचता। इधर सुदामा चरित्र की कथा के दौरान नौगांव सांवरिया सेठ मंदिर में भगवान सांवरिया सेठ का हनुमान और सुदामा संग मिलन का श्रृंगार किया गया। भगवान के इस भव्य श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत हुए। कथा के प्रारंभ में पंडित अशोक व्यास ने हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संगीतमय सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कराया। संस्थान के अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल एवं कथा संयोजक मनीष बहेड़िया ने बताया कि महोत्सव समिति द्वारा संत को आभार पत्र तस्वीर भेंट किया गया। इस दौरान एक नन्हे बालक ने महाराज को उनका हाथ से तैयार किया गया छायाचित्र भेंट किया। इस दौरान माधव गौशाला की गतिविधियों के ब्रोशर का विमोचन हुआ एवं पंडित अशोक व्यास की निस्वार्थ सेवाओं के लिए उनका सम्मान किया गया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
 
व्यास पीठ पूजन और व्यवस्था में इन्होंने किया सहयोग
        इस पुनीत अवसर पर व्यास पीठ पूजन एवं व्यवस्थाओं में मुकुट बिहारी बहेड़िया, भंवरलाल दरगड, मधुसूदन बहेड़िया, रामप्रसाद बहेड़िया, मनीष बहेड़िया, सतीश ईनाणी (मुंबई), जे.सी. लढा, वरुण लढा, दिनेश बागडोदिया, डी.पी. मंगल, ओम जागेटिया, श्याम ओझा, साक्षी धाकड़, डॉ. राजकुमार चतुर्वेदी, दीपक पाराशर पुजारी, बाबूलाल चौकीदार, रामप्रसाद, गोवर्धन लाल बहेड़िया, पंडित संजय मकराना, नरेंद्र विश्नोई, नारायण गाडरी, कमलेश मुणोत, हेमंत शर्मा और सत्यप्रकाश गग्गड सहित कई लोगों का सहयोग रहा।                            
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